Jamui Molestation Case: जमुई छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, बिहार पुलिस ने पैर में मारी गोली

Jamui Molestation Case: जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की और लड़के के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने के कुछ दिनों बाद बिहार पुलिस ने मंगलवार (22 सितंबर) को फरार आरोपी नंदन यादव के साथ मुठभेड़ की जानकारी दी। नंदन यादव इस मामले में वांछित था। उसके पैरे में गोली लगी है

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 2:01 PM
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Jamui Molestation Case: जमुई छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है

Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई जिले में सड़क किनारे एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर बदसलूकी एवं छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। छात्रा से छेड़खानी करने के मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है। फिलहाल उसका इलाज जमुई के एक स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर हमला किया और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल लेकर गई। अभी उसका इलाज चल रहा है।

नंदन यादव इस मामले में वांछित था। इस मामले में एक अन्य आरोपी हरेराम यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। हमारे सहयोगी News18 को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, कथित एनकाउंटर के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। इस दौरान एक अन्य फरार आरोपी हरेराम यादव के पैर में भी चोट आई है। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने कथित घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर सात आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से तीन को पकड़ लिया गया है।जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट


इस बीच, बिहार राज्य महिला आयोग ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कथित घटना पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। कथित घटना को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित अन्य विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी पार्टियों ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सरकार ने घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

19 सितंबर का है मामला

जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने पत्रकारों से कहा कि कथित घटना 19 सितंबर की शाम की है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के नंबर के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की का पता लगा लिया गया है। दयाल ने सोमवार को बताया कि जमुई थाने में दर्ज FIR में पीड़ितों ने किसी आरोपी का नाम नहीं लिया है। लेकिन वीडियो फुटेज की मदद से करीब सात लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से तीन को पकड़ लिया गया है। जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ जारी है। सोशल मीडिया से वायरल वीडियो हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दयाल ने बताया कि पीड़ित लड़का और लड़की एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए कोई अन्य जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया कि कुछ सूचनाओं को व्यक्तिगत कारणों से गोपनीय रखा जाना जरूरी है।

SIT गठित

SP ने बताया कि मामले की जांच के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की गई है। इस बीच, एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने पटना में बताया, "छेड़खानी मामले में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। दो अन्य युवकों की पहचान हो गई है, जिनकी तलाश जारी है। यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के लिए एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।"

विपक्ष ने बोला हमला

कथित 'मॉरल पुलिसिंग' का यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश का कारण बना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में इस घटना को “बेहद विचलित करने वाली बताया। राहुल ने आरोप लगाया कि ऐसी मानसिकता को अंधभक्तों ने सामान्य बना दिया है। उन्होंने वीडियो के आधार पर पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की। राहुल ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से सवाल किया कि सार्वजनिक सड़क पर भी एक लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है?

RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, BJP प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार मामले की गंभीरता से जांच करा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और RJD के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने घटना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'नौसिखिया' बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बिहार में कथित अराजकता के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रलोभन देकर जनादेश हासिल करने के चार महीने के भीतर ही JDU अध्यक्ष नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा।

सरकार का बयान

बिहार सरकार में मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। वह जमुई के पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जमुई से BJP विधायक और बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने घटना को शर्मसार करने वाली बताया। उन्होंने प्रशासन को बाकी आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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