दिल्ली सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह फैसला तब आया है, जब प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच पुलिस अभी भी कर रही है। सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई नया कानूनी मामला दर्ज न किया जाए और न ही कोई कार्रवाई की जाए। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है।
सरकार ने यह भी कहा कि जिन मामलों में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है या हिरासत में लिया गया है, उनकी समीक्षा की जाएगी। जो लोग राहत पाने के पात्र होंगे, उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही 13 एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
पुलिस का दावा- 2,900 लोगों की पहचान हुई
दिल्ली सरकार का यह फैसला बिहार, असम और महाराष्ट्र सरकारों के ऐसे ही फैसलों के बाद आया है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), जिसने इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था, ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, तो वह एक बार फिर जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। सरकार की घोषणा से कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल करीब 2,900 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस इस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर पर 2,873 ऐसे पुरुष मौजूद थे, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इन लोगों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से की। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इनमें से कोई व्यक्ति जंतर-मंतर और नई दिल्ली के आसपास हुई हिंसा की घटनाओं में शामिल था या नहीं।
कई लोगों पर दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों की पहचान की गई है, उनमें से कई के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, यौन उत्पीड़न, लूट, डकैती, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध, हथियार कानून के उल्लंघन और नशीले पदार्थों से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जिन 2,873 लोगों की पहचान की गई, उनमें से 989 लोगों का गंभीर अपराधों का रिकॉर्ड मिला। इनमें 101 पर हत्या, 62 पर हत्या की कोशिश, 284 पर लूट और डकैती, 61 पर दुष्कर्म, 6 पर पॉक्सो कानून, 25 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध, 229 पर आर्म्स एक्ट, 135 पर झपटमारी, 19 पर अपहरण और 67 पर नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों के आरोप दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि इनमें से कई लोग विरोध प्रदर्शन के दौरान एक से अधिक बार जंतर-मंतर पहुंचे थे। फिलहाल पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।