उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लगभग 322 किलोमीटर की लंबाई वाले चार नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन चारों परियोजनाओं पर कुल ₹17542.06 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इन प्रोजेक्ट्स को अगले तीन सालों के अंदर पूरा करने का टारगेट रखा गया है।
UPEIDA द्वारा EPC मोड में इन्हें किया जाएगा तैयार
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इन चारों लिंक एक्सप्रेसवे का विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में किया जाएगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने EPC मोड में विकसित किए जाने वाले इन चार प्रोजेक्ट्स को अपनी मंजूरी दे दी है। इनके तीन साल के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित ठेकेदार अगले पांच वर्षों तक इन एक्सप्रेसवे के रखरखाव के लिए भी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
जानिए किन 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
आइए आपको यूपी कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई 322 किमी लंबी चार प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के बारे में जानकारी देते हैं। पहला है फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे। यह एक्सप्रेसवे दो पैकेजों में तैयार किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 90.90 किलोमीटर होगी। दूसरी है आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक। इसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए 50.94 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। तीसरा प्रोजेक्ट है झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का। बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को धार देने के लिए दो पैकेजों में लगभग 106 किलोमीटर लंबा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तैयार होगा। चौथा प्रोजेक्ट है जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जोड़ने के लिए दो पैकेजों में लगभग 74 किलोमीटर लंबा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इन लिंक एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार करके आर्थिक विकास को गति देना है। इन नए लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से उत्तर प्रदेश के मौजूदा एक्सप्रेसवे और प्रमुख स्थलों के बीच लोग आसानी से आ जा सकेंगे। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र और जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र सहित राज्य के अन्य महत्वपूर्ण इलाकों को सीधा और बेहतर परिवहन का फायदा मिलेगा।