प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 28 मार्च को जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। 4 चरणों के तहत काम पूरा होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इस हवाई अड्डे के पहले चरण की लागत 11,282 करोड़ रुपये है। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपये है। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे। साथ ही 40 एकड़ में फैली एक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) फैसिलिटी की आधारशिला रखेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई केंद्रीय और राज्य मंत्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
नोएडा हवाईअड्डे के पहले चरण को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 11,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट के फेज 1 में कंसेशनायर (प्राइवेट पार्टनर) की ओर से 6,876 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जबकि राज्य ने जमीन की खरीद पर 4,406 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
इस हवाईअड्डे की यात्री संभालने की क्षमता शुरुआत में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। पूरी तरह विकसित होने पर इसे सालाना 7 करोड़ यात्रियों तक बढ़ाया जा सकेगा। हवाई अड्डे की विशेषताओं में 3,900 मीटर लंबा रनवे शामिल है, जो चौड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक नेविगेशन प्रणाली जैसे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और हर मौसम में चौबीसों घंटे संचालन के लिए एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग भी मौजूद है। हवाई अड्डे पर एक मजबूत मालवाहक प्रणाली भी शामिल है। इसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब होगा। माल ढुलाई फैसलिटी को सालाना 2.5 लाख टन से अधिक माल संभालने के लिए तैयार किया गया है। इसे बढ़ाकर 18 लाख टन तक किया जा सकता है।
यूपी में हो जाएंगे 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट
बयान के अनुसार, एक बार यह हवाई अड्डा चालू हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसके पास 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। यह प्रोजेक्ट ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को घरेलू और वैश्विक गंतव्यों से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा और दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ कम करेगा। यात्री सेवाओं के अलावा इसमें एक मजबूत मालवाहक प्रणाली भी होगी, जिससे लॉजिस्टिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर बड़े पैमाने पर और 5 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल पर 7000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 300 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी एंट्री पॉइंट्स पर सख्त जांच की जा रही है और बिना तलाशी, पहचान पत्र व बैग की जांच के किसी को एंट्री नहीं दी जा रही है। कार्यक्रम से पहले और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा जांच, बम निरोधक जांच और अन्य सुरक्षा उपाय लगातार किए जाएंगे। परिसर में मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और महिलाओं की जांच के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सुरक्षा में पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की टीमें भी तैनात हैं। ड्रोन से संभावित खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन यूनिट्स को भी सक्रिय किया गया है और पूरे क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैल सके। निगरानी के लिए हवाई अड्डा परिसर में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। नोएडा एक्सप्रेसवे पर वीवीआईपी लोगों की आवाजाही की निगरानी आईएसटीएमएस के जरिए की जाएगी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। 10 आईपीएस अधिकारियों के साथ पीएसी की 10 कंपनी और आरएएफ की 2 कंपनी की तैनाती की गई हैं।