कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड के आरोपी शिवम मिश्रा को अदालत से जमानत मिल गई है। पुलिस ने हादसे के करीब चार दिन शिवम को आज ही गिरफ्तार किया था और उसे कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी को 14 की रिमांड पर लेने की मांग रखी, लेकिन अदालत ने उसे नामंजूर करते हुए, तंबाकू कारोबारी के बेटे को 20,000 रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी।
शिवम मिश्रा के वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी मीडिया से बात करते हुए कहा, "अदालत ने रिमांड से इनकार कर दिया है। उन्हें (शिवम मिश्रा को) अब 20,000 रुपए के वचन और 20,000 रुपए के निजी मुचलके पर रिहा किया जा रहा है। पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही थी। पुलिस ने उन्हें (शिवम मिश्रा को) गलत तरीके से गिरफ्तार किया था।"
इस हफ्ते की शुरुआत में कानपुर की VIP रोड पर हुए ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में स्थानीय तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए थे।
इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले मोहन नाम के ड्राइवर ने दावा किया था कि घटना के समय गाड़ी वह चला रहा था और उसने स्थानीय अदालत में सरेंडर भी कर दिया था। अदालत ने उसकी आत्मसमर्पण याचिका को खारिज कर दिया था, क्योंकि पुलिस ने अपने इस रुख को बरकरार रखा कि उसके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि वाहन शिवम चला रहा था।
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा, ‘‘आरोपी 35 साल के शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है।’’
कानपुर सेंट्रल के DCP अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस बात की जानकारी मिली थी कि शिवम मिश्रा कानपुर आया है, जिसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी की सटीक जगह नहीं बताई और बस यह पुष्टि की कि शिवम को कानपुर से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने शिवम को सुबह करीब 10 बजे अपर मुख्य दंडाधिकारी (ACJM) कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती पूछताछ के बाद शिवम को अदालत में पेश किया गया।
DCP ने बताया कि शिवम जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहा था, इसलिए उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की पांच टीम बनाई गई थीं।
इससे पहले, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी PTI से कहा था कि मिश्रा को एक अस्पताल से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्होंने जगह नहीं बताई थी। बाद में उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी किसी कारण से कानपुर आया है जिसके बाद उसे शहर से गिरफ्तार किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) दिलीप अवस्थी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने यह मामला पेश किया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी के लिए जमानत का अनुरोध किया।