Kanpur Lamborghini Crash: 'नींद में था शिवम इसलिए ड्राइवर का ध्यान भटका', आरोपी के पिता का बड़ा दावा

Kanpur Lamborghini Crash : शिवम के पिता ने कहा, “वह नींद में लग रहा था। जब ड्राइवर उसे देखने लगा तो उसका ध्यान भटक गया। गाड़ी ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन तभी सामने एक टेम्पो आ गया और हादसा हो गया।” उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद कार के दरवाजे लॉक हो गए थे। शिवम को बाहर निकालने के लिए कार की खिड़की तोड़नी पड़ी। शिवम के वकील मृत्युंजय कुमार ने भी कहा कि उनके मुवक्किल गाड़ी नहीं चला रहे थे

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 2:40 PM
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Kanpur Lamborghini Crash: कानपुर में हुए लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा के पिता ने मंगलवार को बड़ा दावा किया है।

Kanpur Lamborghini Crash : कानपुर में हुए लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा के पिता ने मंगलवार को बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि हादसे के समय गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था। उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट से कुछ देर पहले शिवम बेहोश हो गया था, जिससे ड्राइवर का ध्यान भटक गया और दुर्घटना हो गई।

बता दें कि, तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा के बचाव में उनके पिता खुद मैदान में उतर आए हैं। केके मिश्रा ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने बेटे को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। पिता के मुताबिक, टेस्ट ड्राइव के दौरान शिवम नींदा लग रहा था। ड्राइवर उसे देखने के लिए उसकी ओर झुका, तभी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया।

आरोपी के पिता का बड़ा दावा 


उन्होंने कहा कि शिवम को तुरंत इलाज के लिए डॉक्टर के पास भेजा गया था। ड्राइवर और वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसे बेहोशी की हालत में कार से बाहर निकाला। पिता ने यह भी दावा किया कि लग्जरी कार में कुछ तकनीकी समस्या थी, जिसे एक दिन पहले ही जांचा गया था। उनके अनुसार, उसी कार की टेस्ट ड्राइव के लिए शिवम और एक अन्य व्यक्ति निकले थे, तभी यह हादसा हो गया।

ड्राइवर का भटका ध्यान और...

शिवम के पिता ने कहा, “वह नींद में लग रहा था। जब ड्राइवर उसे देखने लगा तो उसका ध्यान भटक गया। गाड़ी ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन तभी सामने एक टेम्पो आ गया और हादसा हो गया।” उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद कार के दरवाजे लॉक हो गए थे। शिवम को बाहर निकालने के लिए कार की खिड़की तोड़नी पड़ी। शिवम के वकील मृत्युंजय कुमार ने भी कहा कि उनके मुवक्किल गाड़ी नहीं चला रहे थे। उनके अनुसार, शिवम पैसेंजर सीट पर बैठे थे और अचानक बेहोश हो गए थे। वकील ने कहा, “गाड़ी लॉक हो गई थी, इसलिए खिड़की तोड़नी पड़ी।” उन्होंने यह भी कहा कि मोहन नाम के एक व्यक्ति ने खुद को ड्राइवर बताया है। वकील के मुताबिक, कोर्ट बुधवार को शिवम की जमानत याचिका और जब्त की गई कार को छोड़ने से जुड़े मामले पर सुनवाई करेगा।

पुलिस कर रही है मामले की जांच 

इससे पहले कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा था कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों, खासकर CCTV फुटेज के आधार पर शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी जांच में शिवम का नाम सामने आया, तो इसका मतलब है कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि गाड़ी वही चला रहा था। हमारे पास CCTV फुटेज मौजूद है। इसलिए उसका नाम एफआईआर में शामिल किया गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ने हादसे में शामिल लैंबॉर्गिनी कार को जब्त कर लिया है। साथ ही शिवम के पिता को नोटिस भेजा गया है। बताया गया है कि वे ग्वालटोली कोतवाली थाने में पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराएंगे और जांच में सहयोग करेंगे।

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