Kapil Sibal News: 'भारत में रहने पर शर्म आती है...'; कपिल सिब्बल के विवादित बयान पर बवाल, BJP भड़की

Kapil Sibal News: वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के एक विवादित बयान से बवाल मच गया है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 'उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी जैसे लोगों पर हमले होते हैं। इस बयान से एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है

अपडेटेड Jun 01, 2026 पर 5:37 PM
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Kapil Sibal News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कपिल सिब्बल की तीखी आलोचना की है

Kapil Sibal News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी आलोचना करने के लिए सोमवार (1 जून) को राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने उन पर 'भारत से नफरत करने' का आरोप लगाते हुए कहा कि वह 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर चुप थे। सिब्बल ने रविवार को कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने यह बात तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए कही।

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक वीडियो बयान में BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सिब्बल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करके करोड़ों रुपये कमाए हैं। फिर भी वह भारत में रहने पर शर्म महसूस करने की बात करते हैं।

'BJP कार्यकर्ताओं की हत्या पर क्यों मौन थे'


शहजाद पूनावाला ने कहा, "कपिल सिब्बल का कहना है कि उन्हें भारत में रहने पर शर्म आती है। सवाल यह है कि जब 2021 में चुनाव बाद हिंसा हुई और कथित तौर पर 300 से अधिक BJP तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई, तब कपिल सिब्बल ने एक शब्द नहीं कहा। यही कपिल सिब्बल RG कर और संदेशखालि जैसे मामलों में भी चुप रहे।"

पूनावाला ने कहा कि सरकार से राजनीतिक मतभेद होना स्वीकार्य है। लेकिन कुछ विपक्षी नेताओं की प्रवृत्ति बीजेपी विरोध की आड़ में देश को निशाना बनाने की है। उन्होंने कहा, "BJP का विरोध करना एक बात है, लेकिन भारत का विरोध क्यों? आप राजनीतिक मतभेद रख सकते हैं, लेकिन भारत से नफरत क्यों?"

अभिषेक बनर्जी पर हमले का समर्थन नहीं

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बारे में पूनावाला ने कहा कि किसी ने भी उनके साथ हुई बदसलूकी या हमले को सही नहीं ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के तृणमूल कांग्रेस से संबंध होने की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा, "जो भी हो, किसी ने भी इस घटना को उचित नहीं ठहराया है।" BJP के एक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सिब्बल की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी करोड़ों भारतीय मतदाताओं, बंगाल के मतदाताओं और भारतीय लोकतंत्र का अपमान है।

कपिल सिब्बल ने क्या कहा?

TMC सांसद अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा, "यह शर्मनाक है, बिल्कुल शर्मनाक...। मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसे देश में रह रहा हूं जहां ऐसा होता है... जहां सत्ता में बैठी राजनीतिक पार्टी लोकतंत्र की उन तमाम बुनियादों को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, जिन्हें हमारे महान नेताओं ने इस गणतंत्र की स्थापना के समय रखा था।"

सिब्बल ने आगे कहा, "कल जब मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि अभिषेक बनर्जी पर किस तरह हमला किया गया, तो मैं हैरान रह गया..। अब, ज़ाहिर है यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला था। खुशकिस्मती से उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, वरना उन्हें जानलेवा चोट लग सकती थी।"

उन्होंने आगे कहा, "क्या चुनाव में जीत हासिल करने के बाद विपक्ष को हिंसक तरीकों से खत्म करने का यही तरीका है? क्या सत्ता में बैठी किसी राजनीतिक पार्टी की यही मानसिकता होती है? क्या भारत का भविष्य यही है? क्या यही वह 'विकसित भारत' है जिसकी आप बात करते हैं? और मेरे दोस्त कल्याण बनर्जी के साथ फिर से क्या हुआ? उनकी सुरक्षा हटा ली गई।"

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील ने कहा, "आज दोपहर मेरी उनसे बात हुई। वह अभी-अभी अस्पताल से घर लौटे थे। उन्होंने मुझे बताया कि वह चुनाव के बाद हुई इस हिंसा की शिकायत दर्ज कराने जा रहे थे, तभी अचानक किसी ने उन पर पत्थर फेंक दिया, जो उनके सिर के पिछले हिस्से पर जा लगा। वह सड़क पर गिर पड़े। जरा सोचिए, अगर वह गिरते और उनका सिर सड़क से टकरा जाता, तो क्या होता? जो कोई भी किसी के सिर पर वार करता है। उसका मकसद जाहिर तौर पर उस व्यक्ति की हत्या करना ही होता है। तो क्या हत्या के प्रयास का आरोप लगा है?"

उन्होंने आगे पूछा, "क्या ओम बिरला जी ने कुछ कहा है? क्या गृह मंत्री ने कुछ कहा है? क्या मुख्यमंत्री ने कुछ कहा है? मेरा मतलब है, चुनाव के ठीक बाद हमने देखा कि लोग TMC के दफ्तरों में आग लगा रहे थे... TMC के समर्थकों पर हमला कर रहे थे। क्या यही वह तरीका है जिससे हम, यह लोकतंत्र काम करेगा?"

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सिब्बल ने यह भी कहा, "..आप विपक्ष को पूरी तरह खत्म कर देना चाहते हैं। उनके मन में डर पैदा करना चाहते हैं। मेरा मतलब है, अगर नतीजा यह होने वाला है, तो चुनाव लड़ना कौन चाहेगा? हर परिवार में, परिवार के लोग उन लोगों को लेकर चिंतित रहते हैं जो किसी खास पार्टी का समर्थन करते हैं। और अगर चुनाव के बाद उन पर इस तरह हमले होने वाले हैं, तो कोई भी किसी भी पार्टी का समर्थन क्यों करेगा? फिर चुनाव होने ही क्यों चाहिए? मैं CEC (भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त) से पूछता हूं, क्या यह स्वतंत्र है या निष्पक्ष?"

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