30 रुपए की पाव भाजी ने पकड़वाई 2.15 करोड़ के सोने की लूट, चोर को भारी पड़ गई भूख!

पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि लूट का मास्टरमाइंड फारूक एक सुनार है और उसे बिजनेस में काफी नुकसान हुआ था। अपने ऊपर 40 लाख रुपए के कर्ज को चुकाने के लिए उसने दुकानों में लूट करना शुरू किया और अपने डूबते हुए कारोबार को फिर से खड़ा करने के लिए दूसरे अपराधियों को भी अपने साथ मिला लिया था

अपडेटेड Jul 24, 2025 पर 7:40 PM
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30 रुपए की पाव भाजी ने पकड़वाई 2.15 करोड़ के सोने की लूट, चोर को भारी पड़ गई भूख!

कर्नाटक के कलबुर्गी में लूट की एक ऐसी वारदात हुई, जिसकी प्लानिंग तो एकदम फुलप्रूफ थी, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले गैंग ने ये नहीं सोचा होगा कि 30 रुपए की एक प्लेट पाव भाजी उन्हें भारी पड़ जाएगी। इन चोरों ने एक गोल्ड ज्वेलरी शॉप पर 2.15 करोड़ रुपए की लूट की थी, जिसके बाद गैंग के शख्स ने एक प्लेट पाव भाजी खाई और इसी पाव भाजी ने उन चोरों को पकड़वाया और उनसे 2.15 करोड़ रुपए का लूटा हुआ सोना भी बरामद हुआ।

11 जुलाई को 48 साल के अयोध्या प्रसाद चौहान, 40 साल के फारूक अहमद मलिक और सोहेल शेख उर्फ बादशाह ने कथित तौर पर मराथुल्ला मलिक की ज्वेलरी स्टोर में डकैती की योजना बनाई थी। उन्होंने एक और स्थानीय अपराधी को भी इसमें शामिल किया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

प्लानिंग कुछ ऐसी थी कि डकैती का मास्टरमाइंड फारूक दुकान के बाहर रहकर पूरी कार्रवाई पर नजर रख रहा था, तभी बाकी तीन आरोपियों ने बंदूकों से लैस होकर, दिन-दहाड़े दुकान पर धावा बोला और मराथुल्ला मलिक के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। इसके बाद उन्होंने लॉकर खोला और सोने के तहने और कैश लेकर भाग गए।


इस लूट में एक ट्विस्ट ये भी है कि पीड़ित मराथुल्ला ने शुरू में छापेमारी के डर से पुलिस को लूटे गए सोने की पूरी सही जानकारी नहीं दी। उन्होंने पुलिस को 805 ग्राम की रिपोर्ट दी, जबकि आरोपियों के पास से 3 किलो सोना बरामद हुआ, जिससे कहानी में एक और नया मोड़ आ गया।

पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि लूट का मास्टरमाइंड फारूक एक सुनार है और उसे बिजनेस में काफी नुकसान हुआ था। अपने ऊपर 40 लाख रुपए के कर्ज को चुकाने के लिए उसने दुकानों में लूट करना शुरू किया और अपने डूबते हुए कारोबार को फिर से खड़ा करने के लिए दूसरे अपराधियों को भी अपने साथ मिला लिया था।

हालांकि, फारूक की एक छोटी सी गलती उसके लिए बड़ी मुसीबत साबित हुई। लूट के बाद तुरंत भागने के बजाय, वह पास के ही एक सड़क किनारे ढाबे पर पाव भाजी खाने के लिए रुक गया।

आस-पास की दुकानों के CCTV कैमरों में उसकी हरकतें कैद हो गईं, जिन्हें बाद में पुलिस ने देखा। उसने एक गलती ये की कि पाव भाजी के 30 रुपयों का उसने PhonePe से पेमेंट किया, जिससे पुलिस को एक डिजिटल ट्रेल मिला और उसकी पहचान हो गई।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमें पता चला कि दुकान से निकलने के बाद, फारूक वहीं रुका और PhonePe के जरिए पावभाजी के 30 रुपए चुकाए। जब बाकी लोग चोरी के बाद वापस लौटे, तो वे सब एक साथ भागे। हमने डिजिटल पेमेंट का पता लगाया और एक कॉन्टैक्ट नंबर मिला, जो एक अहम सुराग साबित हुआ।"

पुलिस को मिले वीडियो में तीनों हथियारबंद लुटेरे फारूक से बात करने के लिए दुकान से बाहर निकले और फिर वापस अंदर चले गए। काम पूरा होने के बाद, चारों एक साथ वहां से चले गए।

उधर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने और लूट का एक बड़ा हिस्सा बरामद करने में सफलता हासिल की, लेकिन उन्हें पता चला कि जौहरी ने चोरी किए गए सोने की कीमत कम बताई थी।

मराथुल्ला मलिक ने शुरू में पुलिस को बताया कि गैंग ने 805 ग्राम सोना और कुछ कैश लूट लिया है। लेकिन बाद में मलिक ने पुलिस के सामने कबूल किया कि करीब 3 किलो सोना लूटा गया था। पुलिस अब उससे भी पूछताछ कर रही है।

चोरी किए गए सोने का कुछ हिस्सा चोरी के तुरंत बाद पिघला दिया गया, जबकि कुछ हिस्सा आरोपियों ने अपने पास रख लिया। कलबुर्गी के पुलिस कमिश्नर एसडी शरणप्पा के नेतृत्व में बनी SIT ने बाद में 2.865 किलोग्राम सोना और 4.80 लाख रुपए कैश बरामद किए।

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