Karnataka: कभी-कभी जमीनी हकीकत जानने के लिए अधिकारी या मंत्री आम लोगों की तरह सफर करते हैं। जिससे उन्हें जन समस्याओं का पता चलता है। ऐसा ही मामला हमें शनिवार को कर्नाटक में देखने को मिला। जब राज्य के परिवहन मंत्री सुरेश बैराठी को बेंगलुरु की BMTC बस में सफर के दौरान एक कंडक्टर ने सिर्फ इसलिए बस से उतरने के लिए कह दिया, क्योंकि उनके पास 100 रुपये के नोट का खुला पैसा नहीं था।
यात्रा के दौरान मंत्री ने अपना चेहरा मास्क से ढका हुआ था, इसलिए कंडक्टर उन्हें पहचान नहीं पाया। वह हेब्बल से नागाशेट्टीहल्ली जाने वाली बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) बस में चढ़े और दो टिकट मांगे। News 18 के मुताबिक, जब उन्होंने 100 रुपये का नोट दिया, तो कंडक्टर ने अपना कैश बैग दिखाया, कहा कि उसके पास खुले पैसे नहीं हैं और अगर वे सही किराया नहीं दे सकते तो बस से उतर जाएं। मंत्री ने अपनी पहचान बताए बिना चुपचाप कंडक्टर की बात मानी और बस से उतर गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मंत्री द्वारा शाम 7.10 बजे से 9.10 बजे के बीच किए गए दो घंटे के अचानक निरीक्षण के दौरान हुई। इस दौरान उन्होंने जयामहल, आरटी नगर, सीबीआई रोड, हेब्बल, मान्यता टेक पार्क, हेन्नूर और आस-पास के इलाकों में 10 से ज्यादा BMTC बसों में आम यात्री की तरह सफर किया।
बता दें कि इस निरीक्षण का मकसद यात्रियों के अनुभव को खुद समझना था, जिसमें सर्विस की क्वालिटी, यात्रियों की सुरक्षा और बेंगलुरु में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वालों को रोजाना होने वाली दिक्कतों का जायजा लेना शामिल था।
सोशल मीडिया पर इस अभियान की जानकारी देते हुए सुरेश ने कहा कि सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा "मैंने बेंगलुरु में BMTC बसों में सफर कर अचानक निरीक्षण किया, ताकि यात्रियों के अनुभव को खुद समझ सकूं। सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
खुले पैसे की समस्या के अलावा, मंत्री ने यह भी देखा कि एक यात्री के साफ इशारा करने के बावजूद एक BMTC बस 'फन वर्ल्ड' बस स्टॉप पर नहीं रुकी। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी बस से इस घटना को देखने के बाद उन्होंने तुरंत संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
बस से उतरने के बाद, सुरेश ने लगभग एक किलोमीटर के सफर के लिए ऑटो-रिक्शा किया। हालांकि मीटर में किराया ₹30 दिखा रहा था, लेकिन ड्राइवर ने कथित तौर पर ₹36 मांगे और कहा कि मीटर को "रीकैलिब्रेट" (फिर से ठीक) करने की जरूरत है। ज्यादा किराया मांगने की शिकायत करने से पहले मंत्री ने ₹40 का भुगतान किया।
न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के बाद सुरेश ने कहा कि बेंगलुरु में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस को बेहतर बनाने, जवाबदेही मज़बत करने, गलत व्यवहार पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अचानक जांच (सरप्राइज चेक) जारी रहेगी।