Karwa Chauth Moon Timing: करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन पूरे भारत में शादीशुदा हिंदू महिलाएं दिन भर का व्रत रखती हैं और अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और कुशलता के लिए प्रार्थना करती हैं। सुबह व्रत शुरू होने से लेकर शाम की पूजा और चांद के दीदार तक—सही समय की जानकारी होने से महिलाओं को अपनी पूजा-विधि और सेलिब्रेशन करने में मदद मिल सकती है।
पंचांग के मुताबिक करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5:43 बजे से शाम 6:57 बजे तक रहेगा। व्रत की अवधि सुबह 6:02 बजे से रात 8:44 बजे तक बताई गई है। हालांकि चंद्रमा के निकलने का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकता है, इसलिए महिलाओं को पूजा-पाठ शुरू करने से पहले अपने शहर के अनुसार समय की जांच कर लेनी चाहिए। करवा चौथ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो चंद्र कलाओं के घटने वाले चरण का चौथा दिन होता है। यह त्योहार उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है और इसे 'कारक चतुर्थी' के नाम से भी जाना जाता है।
करवा चौथ पारंपरिक रूप से विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा मनाया जाता है, जो अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। उत्तर भारतीय राज्यों में इस त्योहार का विशेष महत्व है, जहां इसे उपवास, पूजा-पाठ और परिवार के एक साथ जुड़ने के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू चंद्र कैलेंडर के कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में प्रचलित 'अमांत' कैलेंडर के अनुसार, इस महीने को आश्विन कहा जा सकता है। चंद्र महीने के नाम में इस अंतर के बावजूद, करवा चौथ एक ही दिन मनाया जाता है।
यह त्योहार संकष्टी चतुर्थी के साथ भी पड़ता है, जो भगवान गणेश को समर्पित एक उपवास है। महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों में भक्त संकष्टी चतुर्थी का एक ऐसा रूप मना सकते हैं, जो भगवान गणेश के 'वक्रतुंड' स्वरूप से जुड़ा है।