Karwa Chauth Moon RiseTime 2026: नोएडा में इस समय होगा चांद का दीदार, जानें दिल्ली समेत इन शहरों की टाइमिंग

Karwa Chauth Moon RiseTime 2026: 29 अक्टूबर 2026 को धूमधाम से करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन पत्नियां लंबी उम्र और रिश्ते में मिठास बनाए रहने के लिए निर्जला व्रत करती हैं। ये व्रत चांद के दीदार के बाद ही पूरा होता है। लेकिन मौसम में बदलाव के चलते चांद निकलने के टाइम में फर्क पड़ सकता है। जानिए अपने शहर में चांद निकलने की टाइमिंग...

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 6:16 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
पंचांग के मुताबिक करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5:43 बजे से शाम 6:57 बजे तक रहेगा। व्रत की अवधि सुबह 6:02 बजे से रात 8:44 बजे तक बताई गई है।

Karwa Chauth Moon Timing: करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन पूरे भारत में शादीशुदा हिंदू महिलाएं दिन भर का व्रत रखती हैं और अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और कुशलता के लिए प्रार्थना करती हैं। सुबह व्रत शुरू होने से लेकर शाम की पूजा और चांद के दीदार तक—सही समय की जानकारी होने से महिलाओं को अपनी पूजा-विधि और सेलिब्रेशन करने में मदद मिल सकती है।

पंचांग के मुताबिक करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5:43 बजे से शाम 6:57 बजे तक रहेगा। व्रत की अवधि सुबह 6:02 बजे से रात 8:44 बजे तक बताई गई है। हालांकि चंद्रमा के निकलने का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकता है, इसलिए महिलाओं को पूजा-पाठ शुरू करने से पहले अपने शहर के अनुसार समय की जांच कर लेनी चाहिए। करवा चौथ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो चंद्र कलाओं के घटने वाले चरण का चौथा दिन होता है। यह त्योहार उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है और इसे 'कारक चतुर्थी' के नाम से भी जाना जाता है।

शहर                    चांद निकलने का समय


नई दिल्ली               शाम 8:17 बजे

नोएडा                     शाम 8:11 बजे

गुरुग्राम                   शाम 8:18 बजे

चंडीगढ़                   शाम 8:12 बजे

जयपुर                     शाम 8:28 बजे

लखनऊ                   शाम 8:06 बजे

पटना                       शाम 7:52 बजे

भोपाल                      शाम 8:31 बजे

इंदौर                         शाम 8:39 बजे

मुंबई                         रात 9:00 बजे

करवा चौथ पारंपरिक रूप से विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा मनाया जाता है, जो अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। उत्तर भारतीय राज्यों में इस त्योहार का विशेष महत्व है, जहां इसे उपवास, पूजा-पाठ और परिवार के एक साथ जुड़ने के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदू चंद्र कैलेंडर के कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में प्रचलित 'अमांत' कैलेंडर के अनुसार, इस महीने को आश्विन कहा जा सकता है। चंद्र महीने के नाम में इस अंतर के बावजूद, करवा चौथ एक ही दिन मनाया जाता है।

यह त्योहार संकष्टी चतुर्थी के साथ भी पड़ता है, जो भगवान गणेश को समर्पित एक उपवास है। महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों में भक्त संकष्टी चतुर्थी का एक ऐसा रूप मना सकते हैं, जो भगवान गणेश के 'वक्रतुंड' स्वरूप से जुड़ा है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।