Big Relief For Khan Sir: 'खान सर' को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना की एक अदालत ने उनके कोचिंग संस्थान में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग के मामले में खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम प्रोटेक्शन दे दिया है। इस फैसले से कानूनी कार्यवाही के बीच उन्हें अस्थाई तौर पर बड़ी राहत मिल गई है।
पिछले हफ्ते उनके कोचिंग सेंटर 'खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट' में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग के बाद पुलिस ने FIR में खान सर को भी नामजद किया था। इसके बाद खान सर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी।
'बदनाम करने के लिए रची गई साजिश'
अदालत में खान सर के कानूनी सलाहकार ने दलील दी कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। वकील ने कोर्ट के सामने दावा किया कि यह एफआईआर पूरी तरह से खान सर को निशाना बनाने के लिए दर्ज कराई गई है। उन्होंने इसे खान सर की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने और उन्हें 'बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश' का हिस्सा बताया।
क्या था पूरा मामला और सीसीटीवी फुटेज का सच?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी घटना पिछले शुक्रवार की है। घटना के जो घटनाक्रम सामने आए हैं, वे इस प्रकार हैं:
तोड़फोड़ और पथराव: लगभग 15 से 20 अज्ञात बदमाशों का एक समूह अचानक कोचिंग संस्थान के परिसर में घुस गया। इन लोगों ने वहां लगे पोस्टरों को फाड़ दिया और संस्थान पर जमकर पथराव किया।
हवाई फायरिंग: इस घटना के बाद कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आए। शुरुआत में कुछ लोग पथराव करते दिखे, लेकिन बाद के फुटेज में कोचिंग के सुरक्षा गार्ड हवा में गोलियां चलाते नजर आए।
सुरक्षा गार्डों का कबूलनामा और खान सर का नाम
वीडियो साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने कोचिंग संस्थान पर तैनात सुरक्षा गार्डों को हिरासत में ले लिया था। पूछताछ के दौरान गार्डों ने माना कि उन्होंने हंगामे के वक्त अपने लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल किया था।
गार्डों ने पुलिस को बताया कि निर्देश मिलने के बाद उन्होंने अपनी .315-बोर की लाइसेंसी राइफलों से दो-दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। हिरासत में लिए गए गार्डों ने पूछताछ में यह बड़ा दावा भी किया कि जब यह पूरी घटना हुई, तब खान सर खुद मौके पर मौजूद थे। इसी जांच और बयानों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत खान सर समेत दो अन्य लोगों को नामजद किया था।
इस तरह उलझ गया पूरा मामला
इस पूरे विवाद को लेकर अब दो अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं, जिसने मामले को और उलझा दिया है। खान सर ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि इस पूरे हमले और तोड़फोड़ के पीछे एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के लोगों का हाथ है।
इसके विपरीत, दूसरे कोचिंग ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम असली नहीं था, बल्कि विवाद खड़ा करने और सहानुभूति बटोरने के लिए खुद ही प्रायोजित किया गया था। फिलहाल कोर्ट से राहत मिलने के बाद पुलिस आगे की जांच में जुटी है।