Khatu Shyam Falgun Mela 2026: बाबा खाटू श्याम के मेले का समय नजदीक आ रहा है। भक्तों में मेले में पहुंचने का उत्साह बढ़ रहा है और प्रशासन सुरक्षित और व्यवस्थित मेला संपन्न कराने के इंतजामों को लेकर बेचैन है। खाटू श्याम मेले को लेकर प्रशासन ने इस बार विशेष तैयारियां की हैं। 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक आयोजित होने वाले नववर्ष मेले को लेकर मंदिर कमेटी और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है। मेले में करीब 50 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने मेले की तैयारियों को लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली है। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि इस बार इस मेले में श्रद्धालुओं के लिए पानी, बिस्कुट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाएगी। आइए जानें इनके बारे में
जानिए कौन से हैं वह बड़े बदलाव
एग्जिट व्यवस्था में बदलाव: कला भवन की ओर जाने वाली 10 में से 4 एग्जिट लाइनें अब गुवाड़ चौक से निकाली जाएंगी, जिससे भगदड़ की आशंका कम होगी।
फुट ओवरब्रिज का निर्माण: 75 फीट ग्राउंड पर श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित रूप से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें।
रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग: मंडा और रींगस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे खाटू आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जा सके।
नए पार्किंग स्पॉट तैयार: एकादशी के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक जाम से राहत मिले।
फूल-माला, इत्र चढ़ाने के लिए लबे विशेष बॉक्स : दर्शन कतारों में फूल, माला और इत्र चढ़ाने के लिए विशेष बॉक्स लगाए गए हैं। श्रद्धालु इन बॉक्स में सामग्री डाल सकेंगे, जिससे पुजारियों, सुरक्षाकर्मियों और कमेटी सदस्यों को चोट लगने की घटनाओं से बचा जा सकेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम : मेले के दौरान करीब 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इसमें 1000 पुलिसकर्मी, 1000 होमगार्ड, प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड और 4 बटालियन आरएसी शामिल होंगी।
वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर प्रतिबंध : पांच दिवसीय मेले में वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इससे सभी सामान्य भक्तों को सुचारु रूप से दर्शन मिल सकें। केवल प्रोटोकॉल वाले VVIP को ही प्रशासन के माध्यम से दर्शन कराए जाते हैं।
शहर बनेगा नो-व्हीकल जोन : भीड़ नियंत्रण के लिए शहर को नो-व्हीकल जोन भी घोषित किया जाएगा। वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है, ई-रिक्शा के रूट तय किए गए हैं और बस स्टैंड व संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था : दिव्यांगों के लिए मंदिर कमेटी द्वारा व्हीलचेयर की विशेष व्यवस्थाएं की जाएगी। मांगेलाल धर्मशाला के गेट से दिव्यांगों को व्हीलचेयर से एंट्री मिलेगी जिसमें सेवक उनको बाबा श्याम के दर्शन कराने के लिए मंदिर में लेकर जाएंगे।