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Kotak Mahindra Bank से जुड़ा मामला, ED ने अटैच की ₹131 करोड़ की संपत्ति

Kotak Mahindra Bank Fraud Case: ईडी ने पंचकूला नगर निगम में घोटाले से जुड़े एक मामले में ₹131 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। खास बात ये है कि गबन का जितना बड़ा मामला है, उसकी 100% वैल्यू के बराबर एसेट्स को एफआईआर दर्ज होने के चलते चार महीने के भीतर एसेट्स की कुर्की हो गई। जानिए इसका कोटक महिंद्रा बैंक से कनेक्शन क्या है और पूरा मामला क्या है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Aug 06, 2026 पर 12:40 PM
Kotak Mahindra Bank से जुड़ा मामला, ED ने अटैच की ₹131 करोड़ की संपत्ति
Kotak Mahindra Bank Fraud Case: केंद्रीय एजेंसी ईडी (ED) ने पंचकूला नगर निगम के पैसों के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹131.33 करोड़ की संपत्ति अटैच यानी कुर्क की है। इसके अलावा ईडी ने नौ आरोपियों के खिलाफ प्रॉसीक्यूशन कंप्लेन्ट भी दर्ज की है।

Kotak Mahindra Bank Fraud Case: केंद्रीय एजेंसी ईडी (ED) ने पंचकूला नगर निगम के पैसों के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹131.33 करोड़ की संपत्ति अटैच यानी कुर्क की है। इसके अलावा ईडी ने नौ आरोपियों के खिलाफ प्रॉसीक्यूशन कंप्लेन्ट भी दर्ज की है। सीएनबीसी-टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने फर्जीवाड़े मामले में 5 अगस्त को इस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दी। ईडी ने बताया कि जो एसेट्स अटैच हुए हैं, उनमें से ₹12.85 करोड़ की बैंक जमा राशि और ₹118.28 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं। इस फर्जीवाड़े का कनेक्शन कोटक महिंद्रा बैंक से भी है।

एफआईआर के चार महीने के भीतर ही बड़ी कार्रवाई

फर्जीवाड़े के एक मामले में जितने पैसे के गबन का मामला सामने आया था, केंद्रीय एजेंसी ईडी के मुताबिक एफआईआर दर्ज होने के चार महीने के भीतर ही उसकी 100% वैल्यू के बराबर एसेट्स कुर्क कर गई है। यह एफआईआर पंचकूला के ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत दर्ज कराई थी।

क्या है फर्जीवाड़ा का पूरा मामला

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