Lalit Modi: ‘मैच फिक्सिंग नहीं होने दी, इसलिए दाऊद मेरे पीछे पड़ गया...’, ललित मोदी का सनसनीखेज दावा
Lalit Modi: भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने खुद को "भगोड़ा" कहे जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं और भारत जैसे ग्लोबल सुपरपावर देश से बचकर कहीं भी घूमते रहना नामुमकिन है।
Lalit Modi: भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने खुद को "भगोड़ा" कहे जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं और भारत जैसे ग्लोबल सुपरपावर देश से बचकर कहीं भी घूमते रहना नामुमकिन है। इसके साथ ही ललित ने यह भी दावा किया है कि क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन से संन्यास लेने के फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके क्राइम सिंडिकेट की ओर से दी जाने वाली धमकियां है।
समाचार एजेंसी ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा, दाऊद इब्राहिम और उसके क्राइम सिंडिकेट की ओर से जान से मारने की मिली कथित धमकियों ने उन्हें क्रिकेट प्रशासन से हमेशा के लिए संन्यास लेने के फैसले को मजबूर किया। उन्होंने बताया कि IPL के शुरुआती सालों में मैच-फिक्सिंग के खिलाफ उनके पक्के रवैये का सीधा असर D-कंपनी के कंट्रोल वाले अरबों डॉलर के अंडरग्राउंड बेटिंग एम्पायर पर कैसे पड़ा। उन्होंने कहा कि यह सिंडिकेट एक बहुत बड़ा "सट्टा बाजार" चलाता है, जहां हर एक बॉल के साथ ऑड्स बदलते हैं।
ललित मोदी ने कहा, "उसने मुझ पर तीन बार हमला किया... दाऊद ने खुद यह कहा... तीनों बार उसका निशाना चूक गया... वजह यह थी कि जब वे मैच फिक्स करना चाहते थे, तब मैंने अनदेखी नहीं की... उन्होंने मुझे अनदेखी करने के लिए करोड़ों डॉलर की पेशकश की... अगर आप पहले तीन साल देखें, जब मैंने IPL का संचालन किया, तब कोई फिक्सिंग नहीं हुई... माफिया को यह पसंद नहीं आया।
लेकिन मुख्य कारण यह था कि उन्हें विश्वास था कि मैं आईपीएल 2 नहीं कर पाऊंगा... आईपीएल 2 नहीं होगा, इस पर बड़ी-बड़ी शर्तें लगाई गईं... मुंबई पुलिस ने सब कुछ रिकॉर्ड किया... मुंबई पुलिस ने मुझे जेड सिक्योरिटी में रखा... मुंबई में मेरे घर के बाहर गोलीबारी हुई।
‘मेरे बेटे को लंदन से अगवा कर लिया गया’
मोदी ने कहा, जब मैं केप टाउन में था, तब जोहान्सबर्ग में मुझ पर जानलेवा हमला हुआ, जिसकी जानकारी दक्षिण अफ्रीकी सरकार को मिली। मोंटेनेग्रो में मुझ पर जानलेवा हमला हुआ, जिसकी जानकारी क्रोएशियाई सीमा पर मिली। लंदन में मेरे बेटे का अपहरण कर लिया गया... मैंने यह कहानी किसी को नहीं बताई।
मुझे सुबह 3:30 बजे फोन आया... एक ऐसे आदमी का जो आपको सभी आईपीएल मैचों के आसपास दिखाई देता है... वह राजनेताओं के आसपास रहता है। वह लंदन में रहने वाला आदमी है..." वो दलाल-डीलर टाइप का आदमी है... उसने कहा कि तुम्हें अभी बाबा से मिलना होगा... मैं बाबा के पेंटहाउस गया, जहां हुसैन की दो पेंटिंग्स लगी थीं।
#WATCH | On being asked if he retired from cricket because of Dawood Ibrahim, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "It is one of the biggest reasons." He says, "He took three hits at me... Dawood himself said this... He missed three times... The reason was that I… pic.twitter.com/HKYlhdL2o6
उसने मुझे बताया कि उसे एक IPL टीम चाहिए... मैंने उसे बताया कि मुझे दाऊद से परेशानी है। उसने कहा, मैं इसे एक मिनट में सुलझा देता हूं। ये सब उन्हीं की साजिश थी। वो अपनी छत पर गया, अपना सैटेलाइट फोन निकाला और दाऊद को फोन किया।
वहीं, मेरी पैंट में पेशाब निकल गया... ये 2012 की बात है... मुझे नहीं पता दाऊद कहां था जब मैंने उससे फोन पर बात की... ये मेरा रिकॉर्ड किया हुआ बयान है... फिर ये बाबा हर जगह नजर आने लगे। वो दुनियादारी जानता है।
मैं एक दिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अजीज के साथ डिनर कर रहा था... बर्मिंघम में वर्ल्ड सीरीज में भारत-पाकिस्तान का मैच चल रहा था... वो मेरे अच्छे दोस्त हैं... बाबा भी वहां मौजूद थे... फिर वे मुझे हर हफ्ते फोन करने लगे और कहने लगे, 'दोस्ती माफ नहीं हुई। हमें बदले में कुछ चाहिए।'
ललित मोदी पर क्यों किया गया हमला?
तभी मुझे पता चला कि मुझ पर हमले इसलिए किए जा रहे थे क्योंकि मैंने आईपीएल को दक्षिण अफ्रीका में शिफ्ट कर दिया था... उन्होंने शर्त लगाई थी कि आईपीएल दक्षिण अफ्रीका में स्थानांतरित नहीं होगा। इसलिए जाहिर तौर पर उन्हें काफी नुकसान हुआ और वे चाहते थे कि मैं वह नुकसान पूरा करूं... दाऊद ने (एक इंटरव्यू में) कहा, "हमने ललित मोदी के साथ मुद्दे सुलझा लिए हैं। मैंने नहीं। मैंने बस इतना कहा कि मैं क्रिकेट से संन्यास ले लूंगा। मैंने अपना वचन दिया है..."
ललित मोदी ने बताया कि यही चीज क्रिकेट से दूर जाने की सबसे बड़ी वजहों में से एक वजह रही। मैं खुद को मीडिया के दबाव, सरकार के दबाव और फिर जान के खतरे वाले दबाव में क्यों डालूंगा?”