Laljit Singh Bhullar Arrest: पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर गिरफ्तार, अमृतसर अधिकारी के आत्महत्या मामले में AAP विधायक पर कार्रवाई
Laljit Singh Bhullar Arrest: पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार हो गए हैं। AAP विधायक पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद आत्महत्या करने वाले वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी के परिवार ने पंजाब सरकार को भुल्लर को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था
Laljit Singh Bhullar Arrest: पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने खुदकुशी मामले में गिरफ्तार कर लिया है
Laljit Singh Bhullar Arrest: पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री और पट्टी से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर एक अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में उन्हें सोमवार (23 मार्च) को गिरफ्तार कर लिया गया। AAP विधायक पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद आत्महत्या करने वाले पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी के परिवार ने AAP सरकार को भुल्लर को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
सूत्रों ने बताया कि पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को सोमवार दोपहर फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ से वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया।
राज्य मंत्री भुल्लर ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा को परेशान किया था। रंधावा की उसी दिन कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी।
क्या है पूरा मामला?
अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार तड़के जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस बीच एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भुल्लर द्वारा उत्पीड़न का दावा किया। विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर भुल्लर ने उसी दिन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
रंधावा के परिवार ने पहले ही कह दिया है कि जब तक भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देंगे। सोमवार को अमृतसर में मीडिया से बातचीत में रंधावा के परिवार ने भुल्लर की अभी तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही मांग की थी कि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पीड़िता परिवार का गंभीर आरोप
गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी और पेशे से विज्ञान की टीचर उपिंदर कौर ने कहा, "यह मेरा अल्टीमेटम है कि अगर 24 घंटे के भीतर कुछ नहीं किया गया, तो मैं अपने बच्चों (दो बेटियों और एक बेटे) के साथ सड़कों पर उतर आऊंगी।" सोमवार को सोशल मीडिया पर एक कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें रंधावा को जहरीला पदार्थ खाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद मुश्किल में पंजाब सरकार
पुलिस ने शनिवार रात भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक (PA) दिलबाग सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें पट्टी क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे रंधावा को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने एक जहरीला पदार्थ खा लिया और उन्होंने परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
वीडियो में रंधावा को कहते हुए सुना गया, "आपके दोस्त ने मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खा लिया। अब मैं जिंदा नहीं बचूंगा।" पुलिस में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में रंधावा की पत्नी ने दावा किया कि उनके पति पर लगातार दबाव डाला जा रहा था कि वह भुल्लर के पिता को गोदाम का टेंडर आवंटित करें। यहां तक कि उन्होंने उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी।
कौर ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके पति ने उन्हें बताया कि उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा था कि किसी भी परिस्थिति में टेंडर भुल्लर के पिता के नाम पर स्वीकृत किया जाना चाहिए। कौर ने आरोप लगाया कि भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके सहायक कर्मचारी दिलबाग सिंह ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर टेंडर सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर नहीं हुआ तो रंधावा और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
कर्मचारी से मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप
FIR के अनुसार, 13 मार्च को रंधावा को पट्टी में भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। कौर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति को बंदूक का डर दिखाकर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया था कि उन्होंने गोदाम का टेंडर किसी अन्य पार्टी को आवंटित करने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।
विधायक का बयान
हालांकि, पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। शनिवार को मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री से पद छोड़ने को कहा।