जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दावा किया है कि पिछले छह वर्षों में कश्मीर में बने करीब 5,000 होटलों में से लगभग 90 प्रतिशत अवैध हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में बिना जरूरी अनुमति के निर्माण और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। रिपोर्ट के अनुसार, मनोज सिन्हा ने कश्मीर में तेजी से बढ़ रहे होटल कारोबार और पर्यटकों से कथित तौर पर अधिक किराया वसूलने पर भी चिंता जताई। उन्होंने ये बातें श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी (शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर) में आयोजित 'एथिकल टूरिज्म कॉन्क्लेव' कार्यक्रम के दौरान कहीं। इस कार्यक्रम का आयोजन टूरिस्ट ट्रेड इंटरेस्ट गिल्ड ने किया था।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि साल 2021 से 2024-25 के बीच कश्मीर घाटी में 5,000 से अधिक होटल बनाए गए। उनके अनुसार, इनमें से करीब 90 प्रतिशत होटल अवैध हैं, जबकि केवल 10 प्रतिशत होटल ही नियमों के अनुसार बने हैं। उन्होंने कहा कि इन होटलों में मुश्ताक छाया का रैडिसन होटल भी शामिल है। मुश्ताक छाया जम्मू-कश्मीर होटलियर्स क्लब के अध्यक्ष हैं और कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद थे। मनोज सिन्हा ने बताया कि कुछ होटलों की कीमत 200 करोड़ रुपये तक है, जबकि कुछ पर 10 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि औसतन हर होटल पर 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हों, तो कुल निवेश करीब 75,000 करोड़ रुपये बैठता है। उनके मुताबिक, यह राशि 1 लाख करोड़ रुपये तक भी हो सकती है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच तेजी से बढ़ा होटल कारोबार
मनोज सिन्हा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कश्मीर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बढ़ते पर्यटन के कारण घाटी में होटल और अन्य पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पर्यटकों की बढ़ती मांग को देखते हुए होटल उद्योग ने ठहरने की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में नए होटल और गेस्ट हाउस बनाए हैं। वहीं, होटल कारोबार से जुड़े लोगों ने पहले भी सरकार से पर्यटन स्थलों और दूर-दराज के इलाकों में होटल निर्माण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की अनुमति देने की मांग की है।