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डोर में बंधी जिंदगी : कहानी कठपुतली नगर की...जहां हुनर पर भारी पड़ती समय की मार

जयपुर की गुलाबी इमारतों के बीच बसा है कठपुतली नगर...यह एक ऐसी जगह है, जहां कहानियां कागज पर नहीं लिखी जातीं, बल्कि लकड़ी में तराशी जाती हैं, कपड़ों में सिली जाती हैं और धागों से जिंदा की जाती हैं। कठपुतली नगर में हम मिले यहां रहने वाले चमन लाल से, जो पिछले 50 सालों से कठपुतली बनाने का काम कर रहे हैं

Rajat Kumarअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 1:24 PM
डोर में बंधी जिंदगी : कहानी कठपुतली नगर की...जहां हुनर पर भारी पड़ती समय की मार
जयपुर की गुलाबी इमारतों के बीच बसा है कठपुतली नगर

जयपुर...भारत का वो शहर जहां की हर गली में बिखरे हैं रंगों के किस्से। यहां लोग वर्तमान से ज्यादा इतिहास को करीब से जानते हैं। इस शहर का मिजाज भी इसके रंग की तरह है...जो कभी फीका पड़ते नहीं दिखता। इस मिजाज में और भी रंग भरते हैं यहां के कलाकार। दुनिया भर में ऐसी बहुत ही कम कलाएं होंगी जिन्होंने इतिहास से वर्तमान तक का सफर तय किया है। कठपुतली कला भी उनमें से एक है।

जयपुर की गुलाबी इमारतों के बीच बसा है कठपुतली नगर...यह एक ऐसी जगह है, जहां कहानियां कागज पर नहीं लिखी जातीं, बल्कि लकड़ी में तराशी जाती हैं, कपड़ों में सिली जाती हैं और धागों से जिंदा की जाती हैं। कठपुतली नगर में हम मिले यहां रहने वाले चमन लाल से, जो पिछसे 50 सालों से कठपुतली बनाने का काम कर रहे हैं। चमन लाल का परिवार पीढियों से कठपुतली बनाने के काम कर रहा है।

इतिहास से वर्तमान का सफर

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