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Smallcap Tea Stock: 20% के अपर सर्किट के करीब पहुंचा शेयर, सरकारी आदेश पर चाय कंपनी का धमाल

Smallcap Tea Stock: संसद तक को चाय की सप्लाई करने वाली इस कंपनी के शेयर आज रॉकेट बन गए। सेंट्रल मिनिस्ट्री ने इसे लेकर एक ऐसा नोटिफिकेशन जारी किया कि शेयर 20% के अपर सर्किट से महज कुछ पैसे ही दूर रह गए। जानिए क्या है इस नोटिफिकेशन में और सरकार इस चाय कंपनी को सपोर्ट क्यों कर रही है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jul 27, 2026 पर 2:12 PM
Smallcap Tea Stock: 20% के अपर सर्किट के करीब पहुंचा शेयर, सरकारी आदेश पर चाय कंपनी का धमाल
मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में Andrew Yule की ब्रांड Yule Tea के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

Smallcap Tea Stock: सरकारी चाय कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी के शेयर आज करीब 20% उछल पड़े। इसके शेयरों में यह तेजी सरकार के एक आग्रह के चलते है जिसमें सभी मिनिस्ट्री और डिपार्टमेंट्स से आधिकारिक बैठकों, कॉन्फ्रेंसेज, कैंटीन और गवर्नमेंट कैंटीन में यूल टी (Yule Tea) सर्व करने को कहा गया है। इसके चलते शेयरो की चमक बढ़ गई। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया और मुनाफावसूली की लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 15.14% की बढ़त के साथ ₹29.34 पर है। इंट्रा-डे में यह 19.65% चढ़कर ₹30.50 तक पहुंच गया था।

Andrew Yule की चाय को मिनिस्ट्री क्यों दे रही बढ़ावा

मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में एंड्रयू यूल एंड कंपनी की ब्रांड यूल टी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का आग्रह किया। मिनिस्ट्री के मुताबिक एंड्रयू यूल एक PSU (पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज) है, जिसके पास पश्चिम बंगाल और असम में चाय के बागान हैं। यह चाय पैदा करने वाली देश की सबसे पुरानी कंपनियों में शुमार है। कंपनी यूल टी ब्रांड के तहत ऑर्थोडॉक्स, सीटीसी, ग्रीन टी और फ्लेवर्ड वैरायटी में दार्जिलिंग, डुआर्स(Dooars) और असम चाय की मैन्युफैक्चरिंग करती है। टी बोर्ड के जरिए यह संसद को भी चाय की सप्लाई करती है, और इसके प्रोडक्ट्स ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। मिनिस्ट्री का कहना है कि इसके प्रोडक्ट्स ग्राहकों को काफी पसंद आए हैं लेकिन कई वजहों से यह वित्तीय दबावों का सामना कर रही है।

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