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Tata vs Tata: एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर टाटा ग्रुप में रार! ट्रस्ट ने दी अभिषेक मनु सिंघवी को कमान

Tata Trusts vs Tata Sons Rift: टाटा ग्रुप में बड़ा महासंग्राम छिड़ गया है। एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल और टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच टकराव अब सरेआम हो चुकी है। 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने इस फैसले को गैर-कानूनी करार देते हुए देश के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतार दिया है। इस घमासान से टाटा के शेयरों को ₹40,000 करोड़ का झटका लगा है। जानिए इस पावर स्ट्रगल की पूरी इनसाइड स्टोरी

Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 20, 2026 पर 1:23 PM
Tata vs Tata: एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर टाटा ग्रुप में रार! ट्रस्ट ने दी अभिषेक मनु सिंघवी को कमान
सिंघवी की एंट्री से इस कानूनी लड़ाई के तेवर और तीखे हो गए हैं

Tata Trusts vs Tata Sons Conflict: टाटा ग्रुप में महासंग्राम छिड़ा हुआ है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल की नियुक्ति और कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट कराने को लेकर विवाद चरम पर पहुंच गया है। इस मुद्दे पर टाटा संस और टॉप शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स आमने-सामने हैं।

इस हाई-प्रोफाइल कॉरपोरेट जंग को जीतने के लिए टाटा ट्रस्ट्स ने देश के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतार दिया है। सिंघवी की एंट्री से इस कानूनी लड़ाई के तेवर और तीखे हो गए हैं।

आइए समझते हैं इस बड़े विवाद की असली वजह क्या है और अभिषेक मनु सिंघवी के उन बयानों के पीछे का गणित क्या है, जिसने कॉरपोरेट जगत से लेकर शेयर बाजार तक में हड़कंप मचा दिया है:

क्यों भड़का टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस में विवाद?

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