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1 अक्टूबर से नोएडा और गाजियाबाद में बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! जानिए नया नियम

अधिकारियों ने बताया कि नोएडा और गाजियाबाद में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत 1 अक्टूबर से जिन गाड़ियों के पास वैलिड 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) नहीं होगा, उन्हें फ्यूल नहीं दिया जाएगा।

Manushri Bajpaiअपडेटेड Sep 20, 2026 पर 12:43 PM
1 अक्टूबर से नोएडा और गाजियाबाद में बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! जानिए नया नियम
यह कदम 'नेशनल कैपिटल रीजन एंड एडज्वाइनिंग एरियाज में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन एक्ट, 2021' की धारा 12 के तहत CAQM द्वारा जारी निर्देशों के बाद उठाया गया है।

वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अभी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए हैं। सीएम के सख्त निर्देश के बाद जिला स्तर पर असर दिखना शुरू हो गया है। नोएडा और गाजियाबाद में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के बिना वाहनों को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। इस नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा।

जिन वाहनों के पास 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' नहीं है उनकी पहचान मोबाइल एप से होगी। पूर्ति विभाग के निर्देश पर अभी तक 114 पेट्रोल पंप में से 50 पेट्रोल पंप पर पीयूसी चेकिंग एप को डाउनलोड हो गया है। समय सीमा पूरी कर चुके वाहनों की पहचान के लिए एएनपीआर कैमरे लगाने का काम भी शुरू हो चुका है।

GB नगर के सप्लाई ऑफिसर निलेश उप्पल ने बताया कि शनिवार तक जिले के 114 पेट्रोल और डीजल रिटेल आउटलेट्स में से 55 ने मोबाइल ऐप-बेस्ड PUCC वेरिफिकेशन सिस्टम डाउनलोड कर लिया था। उप्पल ने कहा, "यह ऐप नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के साथ मिलकर बनाया गया है। जब कोई गाड़ी आती है, तो पंप के कर्मचारियों को बस उसका रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होता है और PUCC का स्टेटस कुछ ही सेकंड में दिख जाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर सर्टिफिकेट वैलिड है, तो गाड़ी में फ्यूल भरा जा सकता है। अगर यह इनवैलिड है या उपलब्ध नहीं है, तो जानकारी अपने आप ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ शेयर कर दी जाएगी।" जिला प्रशासन ने फ्यूल स्टेशन के कर्मचारियों और गाड़ी मालिकों को इस सिस्टम के बारे में जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उप्पल ने बताया कि उन्होंने खुद दो-तीन फ्यूल स्टेशनों पर इस प्रक्रिया को टेस्ट किया और पाया कि वेरिफिकेशन में बस कुछ ही सेकंड लगते हैं।

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