Delhi SIR: देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस. एस. संधू उन VVIP लोगों में शामिल हैं, जिन्हें वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के दौरान गड़बड़ियों के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। SIR के तहत 97 लाख से ज्यादा वोटरों वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं द्वारा जमा किए गए फॉर्म में दी गई जानकारी में गड़बड़ियों को लेकर 33.13 लाख नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर नोटिस उन मामलों में जारी किए गए हैं, जहां वोटर की जानकारी 2002 के पिछले SIR के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के कार्यालय ने रविवार (20 सितंबर) देर शाम जारी एक बयान में कहा कि चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू के डिटेल्स की पुष्टि कर ली गई है। उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद उनका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। ERO ने एक बयान में कहा, "भारत के चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू से जुड़ी चुनावी एंट्री की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। इसे AC-38 (दिल्ली कैंट) की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए रखा गया है।"
राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी को भी 'पिछले एसआईआर से मेल नहीं खाया' (unmapped with last SIR) कैटेगरी में नोटिस जारी किया गया है। सिब्बल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए एसआईआर को वोटों का 'स्पेशल इंटेंसिव डिलीशन' (खास तौर पर बड़े पैमाने पर हटाना) करार दिया।
हालांकि, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने बताया कि यह सिस्टम वोटर की जानकारी में पाई गई गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए अपने-आप नोटिस जारी कर रहा है। जिन वोटरों को ये नोटिस मिले हैं, उनकी लिस्ट दिल्ली CEO की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।
इन दिग्गजों को भी मिला नोटिस
अधिकारियों के अनुसार, नोटिस पाने वाले या जल्द नोटिस पाने वाले प्रमुख लोगों में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, JNU के पूर्व कुलपति एम. जगदीश कुमार, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व नीति आयोग उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे, पूर्व सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी और CBI डायरेक्ट प्रवीण सूद शामिल हैं।
नोटिस पाने वाले अधिकांश प्रमुख मतदाता नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। दिल्ली सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि वोटर लिस्ट से संबंधित व्यक्ति का नाम हटा दिया जाएगा।
आडवाणी-जयशंकर और धनखड़ को क्यों मिला नोटिस?
98 साल के दिग्गज बीजेपी नेता आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को वर्ष 2002 की एसआईआर मतदाता सूची से उनके नाम का मिलान न हो पाने के बाद नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि उनके बेटे जयंत ने मिलान प्रक्रिया पूरी कर ली थी। ये चारों नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके के मतदाता हैं। उन्हें भी नोटिस मिले हैं। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश को भी नोटिस दिए गए हैं।
चुनाव आयुक्त एस एस संधू को उनके नाम में अंतर के कारण नोटिस जारी किया गया है। जबकि उनके बेटे दमनबीर को माता-पिता के नाम में फर्क के कारण नोटिस दिया गया है। वे दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी को भी नोटिस जारी किया गया है।
सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हालांकि निर्वाचन आयोग ने सिसोदिया को नोटिस भेजने का कोई कारण नहीं बताया। लेकिन मीर के नोटिस में 'उनके माता-पिता के नाम में गड़बड़ियां' का उल्लेख है। उनकी पत्नी सीमा के नोटिस में दिया गया कारण 'उनके नाम में फर्क' है।