'बंगाल में बने LPG सिलेंडर बाहर नहीं भेजे जाने चाहिए', चुनाव के बीच ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “पेट्रोल और गैस सिलेंडर दोनों ही अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति में, जब हमारे राज्य के एसपी और डीएम को (चुनाव आयोग द्वारा) हटा दिया गया है, तो हल्दिया और राज्य के अन्य इलाकों में बनने वाले गैस सिलेंडरों को राज्य से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “चुनाव ड्यूटी के लिए राज्य के बाहर से 10 लाख से ज्यादा लोग यहां तैनात किए जाएंगे

अपडेटेड Mar 27, 2026 पर 7:28 PM
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ममता बनर्जी ने महंगाई और देश में हो रही एलपीजी किल्लत को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने महंगाई और देश में हो रही एलपीजी किल्लत को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को फिर से अपनी मांग दोहराई कि राज्य में बनने वाली कुकिंग गैस को देश के दूसरे हिस्सों में न भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से एलपीजी की कमी होने की आशंका है, इसलिए राज्य की जरूरतों को पहले पूरा करना जरूरी है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के उस फैसले पर भी उन्होंने सवाल उठाया, जिसमें पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती की गई है।

ममता बनर्जी का क्रेंद सरकार पर बड़ा हमला 

कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “पहले ईंधन की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ा दी गईं और अब ड्यूटी में बहुत थोड़ी सी कटौती की जा रही है। मैं चाहती हूं कि इस कटौती का फायदा सीधे लोगों को मिले।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव ड्यूटी में लगे सरकारी कर्मचारियों और अर्धसैनिक बलों को एलपीजी देने के कारण आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।


चुनाव से पहले उठाए ये मुद्दे 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “पेट्रोल और गैस सिलेंडर दोनों ही अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति में, जब हमारे राज्य के एसपी और डीएम को (चुनाव आयोग द्वारा) हटा दिया गया है, तो हल्दिया और राज्य के अन्य इलाकों में बनने वाले गैस सिलेंडरों को राज्य से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “चुनाव ड्यूटी के लिए राज्य के बाहर से 10 लाख से ज्यादा लोग यहां तैनात किए जाएंगे। उन्हें भी एलपीजी कनेक्शन देना होगा। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसकी वजह से आम लोगों को मिलने वाले गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर कोई असर न पड़े।”

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए केरोसिन की सप्लाई बढ़ा दी है। इसका मकसद उन लोगों की मदद करना है, जो अभी भी केरोसिन पर निर्भर हैं, हालांकि अब ज्यादातर घरों में एलपीजी का इस्तेमाल होने लगा है। उन्होंने यह भी बताया कि 12-13 मार्च को राज्य सचिवालय में तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ हुई बैठक में गैस के स्टॉक पर नजर रखने और सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए 24 घंटे चलने वाले एलपीजी कंट्रोल रूम की शुरुआत की गई थी। इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडरों को राज्य से बाहर भेजने, उनकी जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने 10 बिंदुओं वाली एक एडवाइजरी और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है।

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