West Bengal Elections Voting: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ है। मतदान की रफ्तार देख ऐसा लग रहा है कि दूसरे फेज में भी मतदान का नया रिकॉर्ड बनेगा। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ, तो वहीं दूसरे और अंतिम चरण में लगभग 91.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं इस बंपर वोटिंग को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़ी बात कही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त का बड़ा बयान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की सराहना करते हुए कहा कि यहां आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में पहले चरण में 93.18% और दूसरे चरण में 91% वोटिंग दर्ज की गई, जो अब तक का रिकॉर्ड है। ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में पहले और दूसरे दोनों चरणों में सबसे अधिक मतदान हुआ है। यह चुनाव का त्योहार है और पश्चिम बंगाल का गर्व भी।”ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि, ये शानदार आंकड़े दोनों चरणों में मतदाताओं की जबरदस्त भागीदारी को दिखाते हैं।
294 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अब 4 मई को होने वाली मतगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला मौजूदा तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है। तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने की उम्मीद के साथ मैदान में है।
बता दें कि बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में कई बड़े नेताओं और उम्मीदवारों ने अपने वोट डाले। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, बीजेपी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग और पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। दूसरे चरण में एक तरफ जहां बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने पहुंचे, वहीं कुछ जगहों से हिंसा की खबरें भी सामने आईं। विपक्षी पार्टियों ने एक-दूसरे पर गाली-गलौज करने और वोटरों को डराने-धमकाने के आरोप लगाए। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और भवानीपुर व नंदीग्राम से बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वह एक पोलिंग बूथ पर जा रहे थे, तब तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया।