Maharashtra Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले एक कारखाने में हुए धमाके में रविवार (1 मार्च) को कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि नागपुर जिले के काटोल में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले कारखाने में हुए धमाके में 18 लोग घायल हैं। पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली कंपनी 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' के कारखाने में हुआ। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद घायलों को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार सुबह नागपुर शहर से करीब 25 km दूर कलमेश्वर तहसील के राउलगांव गांव में एक एम्युनिशन बनाने वाली कंपनी में धमाके हुए। इस धमाके में 17 लोगों की मौत के अलावा 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में कई महिलाएं हैं। यह जबरदस्त धमाका सुबह 6.45 बजे नोनल क्रिम्पिंग प्लांट एरिया में हुआ, जिससे बड़ी आग लग गई।
कर्मचारियों की शिफ्ट सुबह 6 बजे शुरू हुई थी। घटना के समय दो सुपरवाइज़र के अंडर करीब 35 वर्कर मौजूद थे। यह कंपनी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स की बड़ी मैन्युफैक्चरर है। इसमें माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल होने वाले मटीरियल, जैसे डेटोनेटर और एक्सप्लोसिव कार्ट्रिज शामिल हैं।
फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। कलमेश्वर पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया है। लोकल एम्बुलेंस ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए नागपुर शहर के अस्पतालों में पहुंचाया गया है। पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल, जिला कलेक्टर विपिन इटांकर और SP हर्ष ए पोद्दार के नेतृत्व में ग्रामीण पुलिस टीम राहत कार्यों की देखरेख के लिए मौके पर पहुंची है।
IG संदीप पाटिल ने कहा, "रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एक्सपर्ट्स मौके पर हैं।" मौके पर मौजूद SP पोद्दार ने कहा कि सीनियर अधिकारियों के तहत जांच शुरू हो चुकी है। उन्होंने ब्लास्ट वाली जगह से कहा, "हम सभी सीनियर अधिकारियों के साथ टेक्निकल और साइंटिफिक जांच पक्का कर रहे हैं और ऑपरेशन और एक्शन की देखरेख कर रहे हैं।"
यह घटना पिछले साल पास की एक फैक्ट्री में लगी बड़ी आग के ठीक बाद हुई है। इससे इंडस्ट्रियल बेल्ट में सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने वजह का पता लगाना शुरू कर दिया है। जबकि घने धुएं और मलबे के बीच खोज और बचाव की कोशिशें जारी हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले जाया जा सकता है।