Maharashtra BMC Chunav Result: देश के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव के नतीजों पर ठाकरे ब्रदर्स की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के मुखिया राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार (17 जनवरी) को BMC चुनाव नतीजों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़े रहने का वादा किया। उन्होंने कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। ठाकरे परिवार के गढ़ बीएमची चुनाव में शिवसेना (UBT) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को 6 सीटें मिली है।
राज ठाकरे ने चुनाव में हार के बाद अपने पहले बयान में कहा कि चुनाव आसान नहीं थे, क्योंकि यह शिवशक्ति के खिलाफ जबरदस्त पैसे की ताकत और सत्ता की ताकत की लड़ाई थी। MNS प्रमुख ने आगे कहा कि वह विश्लेषण करेंगे कि चुनावों में क्या गलत हुआ। उन्होंने मराठी लोगों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का वादा किया।
X पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में MNS और शिवसेना (UBT) के चुने हुए पार्षदों को बधाई देते हुए राज ठाकरे ने लिखा, "यह चुनाव आसान नहीं था। यह शिवशक्ति के खिलाफ जबरदस्त पैसे की ताकत और सत्ता की ताकत की लड़ाई थी। फिर भी ऐसी लड़ाई में भी, दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने शानदार लड़ाई लड़ी। उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह दुख की बात है कि MNS को इस बार उतनी सफलता नहीं मिली जितनी उम्मीद थी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हिम्मत हारने वाले और हार मानने वाले लोग हैं। हमारे जो पार्षद चुने गए हैं, वे अपने-अपने इलाकों में सत्ताधारी पार्टियों के लिए काफी होंगे। अगर वे मराठी लोगों के हितों के खिलाफ कुछ भी होते देखेंगे, तो वे निश्चित रूप से सत्ता में बैठे लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे।"
MNS प्रमुख ने आगे कहा कि वह मराठी लोगों के लिए, मराठी भाषा के लिए, मराठी पहचान के लिए और एक समृद्ध महाराष्ट्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। ठाकरे ने कहा, "यह लड़ाई हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। आप सभी जानते हैं कि ऐसी लड़ाइयां लंबी चलती हैं।" ठाकरे ने मराठी लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, "क्या गलत हुआ, क्या अधूरा रह गया, क्या कमी रह गई, और क्या करने की ज़रूरत है, हम सभी मिलकर इसका विश्लेषण करेंगे और उस पर काम करेंगे।"
वहीं, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव परिणाम 2026 पर कहा, "MNS को 6 सीटें मिलीं और वे बहुत सारी सीटें बहुत कम मार्जिन से हार गए। शिवसेना की लगभग 12-13 सीटें ऐसी हैं जहां पर हम बहुत कम मतों से हार गए हैं। यदि हम वहां जीत जाते तो आपको आज मुंबई में जो तस्वीर दिख रही है वह नहीं दिखती। फिर भी भाजपा-शिंदे के पास आज केवल 4 का बहुमत है... महानगरपालिका का जो सदन हैं वहां पर विपक्ष सबसे बड़ी ताकत के साथ है।"
उन्होंने आगे कहा, "हम आपको मुंबई अडानी की जेब में नहीं डालने देंगे या ठेकेदारों का राज नहीं लाने देंगे। 100 से ज्यादा हमारे पार्षद आपको हर मोड़ पर रोकेंगे जब आप ऐसा काम करेंगे... हमारी पार्टी में कुछ 'जयचंद' थे, यदि वे 'जयचंद' नहीं पैदा होते तो BJP की 100 पीढ़ी भी मेयर नहीं बना पाती... विपक्ष के पास एक ऐसा आंकड़ा है कि हम कभी भी तख्तापलट कर सकते हैं लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं।"
अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक पुराने वर्चस्व को खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और पुणे में भी विजयी रही। जहां उसने शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) गुटों के गठबंधन को करारी शिकस्त दी।
मुंबई के सभी 227 वार्डों के चुनाव परिणाम आधी रात के आसपास घोषित किए गए। BJP ने 89 सीट जीतीं और उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीट अपने नाम कीं। जबकि शिवसेना (UBT) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह सीटें मिलीं। वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीटें, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को आठ, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और NCP (SP) को सिर्फ एक सीट मिली।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने शाम को दक्षिण मुंबई में उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि BJP के नेतृत्व वाला 'महायुति' गठबंधन 29 नगर निगमों में से मुंबई सहित 25 में सत्ता में आने के लिए तैयार है। नगर निकाय चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई निकाय चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को ‘आर्शीवाद’ देने के लिए मुंबई की जनता का शुक्रवार को आभार जताया।