अब पेट्रोल नहीं, सिर्फ EV से चलेंगी बाइक टैक्सी! महाराष्ट्र सरकार ने Ola, Uber और Rapido को दिया अल्टीमेटम

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी कंपनियों को जुलाई 2027 तक अपना पूरा फ्लीट 100% इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का निर्देश दिया है

अपडेटेड Oct 05, 2026 पर 9:25 PM
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इस अवधि के दौरान उन्हें धीरे-धीरे पेट्रोल बाइक की जगह EV को अपने बेड़े में शामिल करना होगा

महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार ने इन कंपनियों को जुलाई 2027 तक अपने पूरे बाइक टैक्सी बेड़े को 100 परसेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में बदलने का निर्देश दिया है। यानी तय समयसीमा के बाद इन कंपनियों की बाइक टैक्सी सेवाओं में सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद महाराष्ट्र के परिवहन विभाग ने बाइक टैक्सी कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर जाने के लिए नौ महीने का समय दिया है।

इस दौरान कंपनियां चरणबद्ध तरीके से अपने मौजूदा बेड़े को EV में बदल सकेंगी। विभाग ने राज्य की राइड-हेलिंग कंपनियों और सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को भी इस नई समयसीमा की जानकारी दे दी है।

6 महीने का मिलेगा समय


द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नई योजना के मुताबिक, पेट्रोल वाली बाइक से टैक्सी सेवा देने वाले ऑपरेटरों को पहले चरण में अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक बाइक से बदलने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। यानी इस अवधि के दौरान उन्हें धीरे-धीरे पेट्रोल बाइक की जगह EV को अपने बेड़े में शामिल करना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 के तहत जिन कंपनियों ने पहले ही प्रोविजनल या टेम्पररी लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है, उन्हें पहले फेज में इलेक्ट्रिक व्हीकल पर स्विच करने के लिए छह महीने का समय मिलेगा।

करीब 18 महीने दी जाए समयसीमा

सरकार का ये फैसला बाइक टैक्सी चालकों और उनके संगठनों की चिंताओं के बाद आया है। उनका कहना है कि कम समय में पेट्रोल बाइक को EV से बदलना ड्राइवरों पर आर्थिक बोझ डाल सकता है। महाराष्ट्र बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से इलेक्ट्रिक वाहनों पर शिफ्ट होने के लिए अधिक समय देने की मांग की थी। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य के परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त के सामने यह मुद्दा रखा था। संगठन की मांग थी कि बाइक टैक्सी चालकों को पेट्रोल से इलेक्ट्रिक बाइक पर जाने के लिए करीब 18 महीने की समयसीमा दी जाए, ताकि उन्हें अचानक ज्यादा खर्च का सामना न करना पड़े।

बाइक टैक्सी कंपनियों ने EV पर पूरी तरह शिफ्ट होने के लिए 2030 तक का समय मांगा था, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी। सरकार ने कंपनियों को EV में बदलाव के लिए सिर्फ नौ महीने का समय दिया है।

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