आज शाम को कैबिनेट और CCEA यानि कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में कई बड़े फैसले होने की उम्मीद है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि आज शाम होने वाली कैबिनेट की इस बैठक के लिए वैसे तो दर्जन भर से ज्यादा के प्रस्ताव हैं। लेकिन तीन प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण है जिनको मंजूरी मिलने की संभावना है। इसमें सबसे पहले तो गन्ने की FRP (Fair and remunerative price) को मंजूरी मिल सकती है। यह मंजूरी नए शुगर सीजन के लिए होगी।
अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक FRP बढ़ाने का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक के लिए FRP बढ़ाने का प्रस्ताव है। बता दें कि FRP वह न्यूनतम मूल्य है,जो चीनी मिलों के लिए गन्ने के किसानों को भुगतान करना अनिवार्य होता है। सरकार इस FRP को बढ़ाने का फैसला ले सकती है। जो एफआरपी बढ़ाई जाएगी वह अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 के शुगर सीजन के लिए बढ़ाई जाएगी। यह फैसला इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस तरीके से सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को ज्यादा बढ़ावा दे रही है इसके लिए जरूरी है कि गन्ने का उत्पादन ज्यादा हो। गन्ने का उत्पादन ज्यादा हो इसके लिए जरूरी है कि गन्ने की कीमत बेहतर मिल सके ताकि किसान उसके लिए ज्यादा प्रेरित हो सकें।
MSMEs के लिए ECGS के 5वें चरण को मंजूरी दिए जाने की भी संभावना
इसके अलावा,सरकार द्वारा माइक्रो,स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के लिए ECGS (Emergency credit guarantee scheme) के 5वें चरण को मंजूरी दिए जाने की भी संभावना है,जिसका उद्देश्य इस सेक्टर को निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसके जरिए छोटे मझोले कारोबारियों को ज्यादा आसान शर्तों पर कर्ज मिल सकेगा। यह सिर्फ और सिर्फ एमएसएमई के लिए होगा। हर किसी के लिए नहीं होगा। इसका मुख्य मकसद यह है कि ईरान वॉर की वजह से जो छोटे मझोल कारोबारियों को जो दिक्कत हो रही है, उससे उनको निजात मिल सके। इनको कहीं कच्चे माल की दिक्कत हो रही है,कहीं पर गैस की दिक्कत हो रही है। इससे उनके कारोबार पर जो असर पड़ा है,उससे निपटने के उनकी नगदी किल्लत दूर की जा सकेगी।
गुजरात में दो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मिल सकती है मंजूरी
सूत्रों से यह भी संकेत मिलता है कि गुजरात में दो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। यह कदम घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मज़बूत करने के सरकार के प्रयासों के मुताबिक है।