केरल में ED का बड़ा एक्शन! पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को केरल में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन का किराए का आवास भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये छापे राजनीतिक रूप से संवेदनशील CMRL मामले से संबंधित हैं।

अपडेटेड May 27, 2026 पर 10:21 AM
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केरल में ED का बड़ा एक्शन! पूर्व सीएम पिनाराई विजयन के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को केरल में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन का किराए का आवास भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये छापे राजनीतिक रूप से संवेदनशील कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले से संबंधित हैं, जो उनकी बेटी वीणा थैक्कंदियिल की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है।

केंद्रीय एजेंसी ने विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के आवास पर भी तलाशी ली, जहां वे हाल ही में शिफ्ट हुए थे।

खबरों के मुताबिक, उनकी बेटी वीणा थैक्कंडियिल भी वहीं रह रही हैं। ED की यह कार्रवाई वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई थी।


बता दें कि ये छापेमारी ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही केरल हाईकोर्ट ने CMRL मामले में ED की जांच को रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसे कंपनी और उसके अधिकारियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

हालांकि इस मामले में विजयन का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान यह सबसे अधिक राजनीतिक रूप से विस्फोटक विवादों में से एक बन गया, जब सीएमआरएल द्वारा एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को बिना संबंधित सेवाएं प्रदान किए कथित तौर पर भुगतान किए जाने के आरोप सामने आए।

इन आरोपों ने केरल में एक बड़ा राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया, जिसमें विपक्षी दलों ने विजयन के परिवार पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से लाभ उठाने का बार-बार आरोप लगाया।

यह मुद्दा राज्य की राजनीति में एक अहम विवाद का विषय बना रहा और तत्कालीन वामपंथी सरकार के विरोधियों द्वारा इसे अक्सर उठाया जाता था।

सीएमआरएल और उसके अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के समक्ष यह तर्क दिया था कि ईडी के पास इस मामले की जांच करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत कोई अनुसूचित अपराध साबित नहीं हुआ है।

न्यायालय का रुख करने वालों में CMRL के प्रबंध निदेशक एसएन शशिधरन कार्था, मुख्य वित्तीय अधिकारी केएस सुरेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक एनसी चंद्रशेखरन और वरिष्ठ अधिकारी अंजू राचेल कुरुविला शामिल थे।

इससे पहले ईडी की जांच ने विवाद खड़ा कर दिया था

ईडी की जांच पहले ही विवादों में घिर गई थी, जब एजेंसी के समक्ष पेश हुए तीन कंपनी अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान अवैध हिरासत का आरोप लगाया था।

इन आरोपों के बाद, केरल उच्च न्यायालय ने जून 2024 में ईडी को पूछताछ की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था।

ईडी की जांच के अलावा, इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रहा है।

हालांकि, इससे पहले इन आरोपों की विजिलेंस जांच कराने की मांग वाली याचिकाएं विजिलेंस कोर्ट और केरल हाई कोर्ट दोनों ने खारिज कर दी थीं। लेकिन मंगलवार के आदेश के बाद अब ED के लिए इन विवादित लेनदेन की मनी लॉन्ड्रिंग जांच जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।

केरल में राजनीतिक तनाव बढ़ा

केरल में इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी काफी गरम हो गया है। पिनाराई विजयन की पिछली सरकार से जुड़े मामलों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है।

इसी बीच मंगलवार को एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब नवा केरल यात्रा हमले के मामले में विजयन की सुरक्षा में तैनात पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट के बाद की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, SIT ने पाया कि अधिकारियों ने दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान यूथ कांग्रेस और केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैरकानूनी रूप से बल का प्रयोग किया था।

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