सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कोर्ट पहुंची Malabar Gold, जानिए क्या है पूरा मामला

मालाबार गोल्ड ने अपनी याचिका में कहा कि खालिद को (अप्रैल में) पहलगाम हमले से बहुत पहले ही अपने शोरूम का प्रचार करने के लिए नियुक्त किया गया था। कंपनी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह मूल रूप से पाकिस्तान की है। जानकारी के बाद उसकी सेवाएं बंद कर दी गई थीं

अपडेटेड Oct 17, 2025 पर 2:46 PM
Malabar Gold: मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड को ट्रोल किया जा रहा है

Malabar Gold: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज्वैलरी  ब्रांड मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड को ट्रोल करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है। दरअसल कंपनी ने ब्रिटेन में अपने एक स्टोरी के विज्ञापन के लिए एक मॉडल चुना। ये मॉडल लंदन में ही रहती थीं। लेकिन मूल रूप से पाकिस्तानी थीं। यही वजह रही है कि सोशल मीडिया पर मालाबार गोल्ड को ट्रोल करने वाले पोस्ट नजर आने लगे। ऐसे ट्रोल करने वाले पोस्ट के खिलाफ मालाबार गोल्ड ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद कोर्ट ने ऐसे सोशल पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में मालाबार गोल्ड ने कहा है कि खालिद को (अप्रैल में) पहलगाम हमले से बहुत पहले ही शोरूम के विज्ञापन के लिए चुना गया था। तब कंपनी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह मूल रूप से पाकिस्तान की है। कंपनी का कहना है कि मामले का पता चलते ही उस मॉडल के साथ तुरंत करार तोड़ लिया।

मालाबार के खिलाफ किए सोशल पोस्ट में कथित तौर पर ज्वैलरी ब्रांड को 'पाकिस्तान का हमदर्द' कहा गया था। कंपनी ने अदालत में जाकर अस्थायी संरक्षण की मांग की थी। कई ऑनलाइन पोस्ट में आभूषण कंपनी को पाकिस्तान से जोड़ा गया था, क्योंकि कंपनी का संबंध एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से था।


जानिए क्या है पूरा मामला

केरल स्थित आभूषणों की दिग्गज कंपनी मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स को धनतेरस से पहले सोशल मीडिया पर बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। यह विरोध तब शुरू हुआ जब लोगों ने कंपनी के लंदन स्थित पाकिस्तानी इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अलीशबा खालिद को मालाबार का प्रचार करते देखा। उन्होंने भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' का मजाक उड़ाया था।

इसके बाद कंपनी कोर्ट पहुंच गई। कंपनी की याचिका पर जस्टिस संदीप मार्ने की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सभी पोस्ट को हटाने का आदेश दिया जाता है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी के उत्पादों और व्यवसाय का प्रचार करने के लिए इंफ्लूएंसर की नियुक्ति के संबंध में कंपनी के खिलाफ किसी भी अन्य अपमानजनक सामग्री के प्रकाशन की अनुमति नहीं देंगे।

मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंपनी को पाकिस्तान से जोड़ने वाले कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपलोड की गई कई पोस्ट एवं कंटेट के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था।

लोगों ने बताया 'पाक समर्थक'

याचिका के अनुसार, पोस्ट में मालाबार गोल्ड को 'पाकिस्तान का समर्थक' बताया गया है। साथ ही कहा गया है कि इससे खासकर त्योहारों के मौसम में उनकी बिक्री को नुकसान हो रहा है। ब्रांड ने हाई कोर्ट को ऐसे अपमानजनक पोस्ट वाले 442 URL की लिस्ट सौंपी। साथ ही कहा कि आगे ऐसे पोस्ट के खिलाफ रोक तथा उन्हें हटाने की मांग की।

पाकिस्तानी इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर को लेकर विवाद

याचिका के अनुसार, ब्रांड की ब्रिटेन के बर्मिंघम में एक नया शोरूम स्थापित करने की योजना थी। इसका प्रचार करने के वास्ते इंफ्लुएंसर को शामिल करने के लिए जेएबी स्टूडियोज को नियुक्त किया था। जेएबी स्टूडियोज द्वारा उपलब्ध कराए गए इंफ्लुएंसर में से एक अलीशबा खालिद थीं। वह एक पाकिस्तानी इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर हैं। फिलहाल, वह ब्रिटेन की निवासी हैं।

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खालिद ने इस साल के शुरू में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' की सार्वजनिक रूप से निंदा की थी। मालाबार गोल्ड ने अपनी याचिका में कहा कि खालिद को (अप्रैल में) पहलगाम हमले से बहुत पहले ही अपने शोरूम का प्रचार करने के लिए नियुक्त किया गया था। कंपनी को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह मूल रूप से पाकिस्तान की है। जानकारी के बाद उसकी सेवाएं बंद कर दी गई थीं।

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