Putin Delhi Visit: आज रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली आ रहे हैं। उनके इस दौरे के कारण राजधानी के पांच सितारा होटलों के टैरिफ और ऑक्युपेंसी में भारी उछाल देखा जा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ITC मौर्य के 4,700 वर्ग फुट के 'ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट' में ठहरेंगे। इस सुइट में इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और बिल क्लिंटन जैसे शीर्ष वैश्विक नेता ठहर चुके है।
5 स्टार होटलों के टैरिफ में हुई अचानक बढ़ोतरी
बुधवार तक इन होटलों में औसत कमरे का टैरिफ ₹50,000 से ₹80,000 की रेंज में था। गुरुवार से यही टैरिफ उछलकर ₹85,000 से ₹1.3 लाख प्रति रात तक पहुंच गया है, जो रूसी राष्ट्रपति के दौरे की वजह से उत्पन्न हुई डिमांड को दिखाता है।
बेहद सख्त है पुतिन का निजी प्रोटोकॉल
पुतिन के दो बेडरूम वाले इस सुइट में एक रिसेप्शन एरिया, लिविंग रूम, स्टडी रूम, 12 सीटों वाला निजी डाइनिंग रूम, एक मिनी-स्पा और एक जिमखाना सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। होटल अधिकारियों ने बताया कि रूसी प्रतिनिधिमंडल ने बगल के ताज पैलेस में भी कमरे बुक किए हैं। ताज पैलेस, ताज महल, ओबेरॉय, लीला और ITC मौर्य जैसे सभी शीर्ष सेंट्रल दिल्ली 5-स्टार होटल इस वीकेंड के लिए पूरी तरह से बिक चुके हैं।
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन विदेशी दौरों के दौरान सुरक्षा जांच और प्रोटोकॉल क्लीयरेंस की कई लेवल से होकर गुजरते हैं। उनकी टीम की मंजूरी के बिना उन्हें कुछ भी परोसा नहीं जाता। उनका नाश्ता सादा और पूर्वानुमानित होता है, जिसमें दलिया, त्वरोग (tvorog - एक नरम, पनीर जैसा डेयरी व्यंजन) और शहद शामिल हो सकता है। वर्कआउट के बाद, वह प्रोटीन के लिए स्टेक और बटेर के अंडे खाते हैं।
रूसी राष्ट्रपति को मीठा बहुत पसंद नहीं है, लेकिन पिस्ता आइसक्रीम उनकी पसंदीदा बताई जाती है। वह समारोहों को छोड़कर शराब का सेवन कम करते हैं। चाय, खासकर हरी चाय, कॉफी के मुकाबले उनका पसंदीदा पेय है।
PM मोदी और पुतिन की बैठक में होने वाली है महत्वपूर्ण साझेदारी
यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह भारत का पहला दौरा है। इस दौरान व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को कवर करने वाले कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरे का व्यापक लक्ष्य भारत के अमेरिका के साथ संबंधों में आई गिरावट की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है।