बंगाल में बेरोजगार युवाओं को हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये, चुनाव से ठीक पहले ममता बनर्जी ने खोला पिटारा

Mamata Banerjee : राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक, 'युवा साथी' योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी। सरकार की ओर से बताया गया है कि यह सहायता लगातार पांच साल तक दी जाएगी। यानी एक युवा को साल भर में 18,000 रुपये और पांच साल में कुल 90,000 रुपये मिलेंगे

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 7:19 PM
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पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने बेरोजगार युवाओं को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने बेरोजगार युवाओं को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा उत्तीर्ण कर चुके बेरोजगार युवाओं की आर्थिक मदद के लिए 'युवा साथी' नाम की नई योजना की घोषणा की है। इस योजना का सीधा फायदा उन बेरोजगार युवाओं को मिलेगा, जिनकी उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच है और जो फिलहाल नौकरी की तलाश में हैं।

बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे 1500 रुपये 

राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक, 'युवा साथी' योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी। सरकार की ओर से बताया गया है कि यह सहायता लगातार पांच साल तक दी जाएगी। यानी एक युवा को साल भर में 18,000 रुपये और पांच साल में कुल 90,000 रुपये मिलेंगे। पांच साल पूरे होने के बाद योजना की समीक्षा की जाएगी। अगर उस समय तक भी संबंधित युवा को नौकरी नहीं मिलती है और उसकी उम्र 40 साल से कम रहती है, तो उसे आगे भी इस योजना का लाभ मिल सकता है।


चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने खोला पिटारा

दरअसल, तृणमूल सरकार पहले से ही सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर देती रही है। पार्टी के नेता अक्सर बताते हैं कि 'लक्ष्मी भंडार' योजना के जरिए महिलाओं को पिछले पांच वर्षों में बड़ी आर्थिक मदद मिली है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को करीब 60 हजार रुपये और अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग की महिलाओं को लगभग 72 हजार रुपये मिल चुके हैं। इस बार अंतरिम बजट में लक्ष्मी भंडार की राशि में 500 रुपये की और बढ़ोतरी की गई है, जिससे महिलाओं को सालाना 6 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

इसी कड़ी में अब बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखकर 'युवा साथी' योजना लाई गई है। अंतरिम बजट पेश करते समय वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया था कि इस योजना का लाभ अगस्त से मिलेगा। लेकिन मंगलवार (10 फरवरी) को नबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि युवाओं को यह पैसा 1 अप्रैल से ही मिलने लगेगा। यानी चुनाव से पहले ही योजना को लागू कर दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने साफ कहा, "जब तक नौकरी न मिल जाए, इस योजना का लाभ मिलेगा। यह योजना 1 अप्रैल से लागू होगी, और इसके लिए पहले आवेदन लिए जाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में कुल 294 कैंप लगाए जाएंगे, जहां अलग-अलग विभाग युवाओं की मदद करेंगे।"

सरकार ने यह भी साफ किया है कि इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी से शुरू होगी। राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां बेरोजगार युवा आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की जांच के बाद पात्र युवाओं के खातों में हर महीने 1,500 रुपये भेजे जाएंगे।

हालांकि, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने इस योजना पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा का कहना है कि अंतरिम बजट में इस तरह की नई योजना की घोषणा करना उचित नहीं है और यह पूरी तरह से चुनावी रणनीति का हिस्सा है। वहीं, तृणमूल का दावा है कि यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से लाई गई है।

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