IndiGo Flight: 7 घंटे हवा में रहने के बाद दिल्ली लौटी मैनचेस्टर जा रही इंडिगो की फ्लाइट, मिडिल ईस्ट तनाव से दुनियाभर में भारी विमानन संकट

Delhi-Manchester Flight: यह केवल एक इंडिगो फ्लाइट की बात नहीं है, बल्कि पूरा वैश्विक विमानन क्षेत्र इस समय चुनौतियों से जूझ रहा है। ईरान, इराक, सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों के ऊपर से गुजरने वाली ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है और यात्रियों का समय भी खराब हो रहा है

अपडेटेड Mar 09, 2026 पर 6:16 PM
Story continues below Advertisement
इंडिगो के अनुसार, वापस लौटने का फैसला अंतिम समय में लागू हुई एयरस्पेस पाबंदियों के चलते लिया गया

Manchester Bound IndiGo Flight: मिडिल ईस्ट में छिड़े भीषण युद्ध से हवाई यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है। दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E33) को हवा में ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यह विमान करीब सात घंटे तक आसमान में रहा, लेकिन अचानक बदली हुई सुरक्षा परिस्थितियों और एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों के कारण इसे अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी।

क्यों वापस लौटा विमान?

विमान ने सुबह दिल्ली से उड़ान भरी थी और उसे लगभग 11 घंटे का सफर तय करना था। युद्ध के कारण एयरलाइन ने पहले ही एक लंबा और सुरक्षित रूट चुना था, जो मिडिल ईस्ट को बचाते हुए अदन की खाड़ी और अफ्रीका की तटरेखा के ऊपर से जा रहा था। विमान इथियोपिया-एरिट्रिया बॉर्डर के करीब पहुंच चुका था, जब उसे वापस लौटने का निर्देश मिला। जैसे-जैसे युद्ध का दायरा बढ़ रहा है, एयरस्पेस से जुड़ी गाइडलाइंस में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। यही वजह रही कि सुरक्षा कारणों से विमान को आगे ले जाना संभव नहीं रहा। इंडिगो के अनुसार, यह फैसला अंतिम समय में लागू हुई एयरस्पेस पाबंदियों के चलते लिया गया।


इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि, 'मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात के कारण हमें कुछ उड़ानों के रूट बदलने या उन्हें वापस बुलाने पड़ रहे हैं। हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रा को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।' यह फ्लाइट 26 फरवरी के बाद फिर से शुरू हुई थी, जिसे युद्ध की अनिश्चितता ने एक बार फिर से प्रभावित कर दिया है।

विमानन क्षेत्र पर मिडिल ईस्ट युद्ध की मार

28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से शुरू हुआ यह संघर्ष अब कई खाड़ी देशों तक फैल गया है, जिससे वहां के हवाई क्षेत्र को 'हाई रिस्क ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। यह केवल एक इंडिगो फ्लाइट की बात नहीं है, बल्कि पूरा वैश्विक विमानन क्षेत्र इस समय चुनौतियों से जूझ रहा है। ईरान, इराक, सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों के ऊपर से गुजरने वाली ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है और यात्रियों का समय भी खराब हो रहा है।

एयरलाइंस के लिए एक बड़ा संकट यह है कि सुरक्षा निर्देश कुछ-कुछ घंटों में बदल रहे हैं, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों का संचालन एक जटिल चुनौती बन गया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।