Trump On Mojtaba: ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को हाल ही में नया 'सुप्रीम लीडर' नियुक्त किया गया। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस नियुक्ति के तुरंत बाद ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह ईरान के इस फैसले से 'खुश नहीं' हैं।
'हमारी मंजूरी के बिना टिकना मुश्किल'
फॉक्स न्यूज के एंकर ब्रायन किलमीड से बात करते हुए ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा, 'ईरान द्वारा मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुने जाने के फैसले से मैं बिल्कुल खुश नहीं हूं।' इससे पहले एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि ईरान के किसी भी नए नेता का भविष्य अमेरिकी मान्यता पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा था, 'अगर उसे हमसे मंजूरी नहीं मिलती, तो वह ज्यादा समय तक टिकने वाला नहीं है।' ट्रंप इससे पहले मोजतबा को एक 'हल्का' और 'अस्वीकार्य' उम्मीदवार बता चुके हैं।
कैसे हुई मोजतबा की नियुक्ति?
ईरान की शक्तिशाली 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने सोमवार को मोजतबा खामेनेई के नाम पर मुहर लगाई। 56 वर्षीय मोजतबा अब इस्लामिक रिपब्लिक के तीसरे सुप्रीम लीडर बन गए हैं। धार्मिक संस्था ने पुष्टि की कि मुजतबा को प्रतिनिधियों के 'निर्णायक वोट' के आधार पर चुना और पेश किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि आधिकारिक घोषणा से कुछ समय पहले ट्रंप का लहजा थोड़ा संतुलित नजर आ रहा था। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' से बात करते हुए उन्होंने मोजतबा के मूल्यांकन पर सीधे कमेंट करने से इनकार कर दिया और सिर्फ इतना कहा, 'देखते हैं क्या होता है।' हालांकि, ट्रंप ने पहले यह इच्छा जताई थी कि ईरान के नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया में अमेरिका की भी भूमिका होनी चाहिए।
क्षेत्र में युद्ध और बढ़ता तनाव
मोजतबा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट भीषण युद्ध की आग में जल रहा है। ईरान ने मोजतबा की कमान संभालते ही इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिसे ट्रंप ने ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए एक 'छोटी कीमत' बताया है।