US-Iran War: 4 ड्रोन ढेर, फिर रडार ठिकानों पर स्ट्राइक, होर्मुज में एक बार फिर ईरान-US आमने-सामने

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शनिवार को ईरान ने होर्मुज़ की दिशा में कई ड्रोन भेजे। इसके जवाब में अमेरिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कम से कम चार ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये ड्रोन आत्मघाती हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वन-वे अटैक ड्रोन थे। आशंका जताई गई कि उनका निशाना या तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ थे या फिर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 8:04 AM
ईरान ने होर्मुज में दागे ड्रोन, बदले में अमेरिका ने तेहरान की रडार साइट्स पर बोल दिया हमला

अमेरिका और ईरान तीन महीने से ज्यादा लंबे वक्त से लड़ रहे हैं। बातचीत की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन बात बन नहीं पा रही है। इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने हैं। शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक नया सैन्य टकराव देखने को मिला। अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान की ओर से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की दिशा में कई ड्रोन भेजे गए, जिन्हें समय रहते मार गिराया गया। इसके बाद ईरान के दो तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया।

अमेरिकी सेना ने दी ये जानकारी 

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शनिवार को ईरान ने होर्मुज़ की दिशा में कई ड्रोन भेजे। इसके जवाब में अमेरिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कम से कम चार ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये ड्रोन आत्मघाती हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वन-वे अटैक ड्रोन थे। आशंका जताई गई कि उनका निशाना या तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज़ थे या फिर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने। इसलिए संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना ने उन्हें रास्ते में ही नष्ट कर दिया।


मार गिराए चार ड्रोन

चार ड्रोन मार गिराने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के गोरुक और केशम द्वीपों पर मौजूद तटीय निगरानी रडार केंद्रों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी सेना का कहना है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने और भविष्य में होने वाले संभावित हमलों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे ईरान के चार आत्मघाती हमलावर ड्रोन को नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार ये ड्रोन क्षेत्र में चल रहे जहाजों और समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।

रडार सेंटर पर हमला 

बयान में आगे कहा गया कि ड्रोन खतरे को खत्म करने के बाद अमेरिकी सेना ने एहतियात के तौर पर गोरुक और केशम द्वीपों पर स्थित ईरानी तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया। CENTCOM ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।

यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की एक और बड़ी कड़ी मानी जा रही है। एक तरफ दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू करने और हालात को शांत करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ तनाव कम होने के बजाय बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। यह समझौता मध्य पूर्व में कई हफ्तों से जारी संघर्ष को रोकने के लिए किया गया था।

इस सप्ताह की शुरुआत में हालात तब और गंभीर हो गए, जब ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे। अमेरिकी सेना के अनुसार, अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, कुवैत हवाई अड्डे के पास हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जिससे इस संघर्ष के मानवीय प्रभाव को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

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