Maharashtra BMC Chunav Result 2026: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार (17 जनवरी) को कहा कि अगर भगवान की इच्छा हुई तो पार्टी मुंबई में अपना मेयर नियुक्त करने में सफल हो सकती है। मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर धोखे से जीतने का आरोप लगाया। ठाकरे का यह बयान बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गठबंधन द्वारा बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव जीतने के एक दिन बाद आई है।
BJP-शिवसेना गठबंधन द्वारा ठाकरे परिवार से बीएमसी की सत्ता छीनने के एक दिन बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। ठाकरे ने आरोप लगाया कि BJP मुंबई को गिरवी रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी ने धोखे से चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि मराठी मानुष इस पाप को कभी माफ नहीं करेंगे।
ठाकरे ने कहा कि मुंबई में शिवसेना (UBT) का मेयर बनाना उनका सपना है। अगर ईश्वर की इच्छा हुई तो यह सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह गलतफहमी है कि उसने शिवसेना (UBT) को खत्म कर दिया है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने कहा, "शिवसेना को BJP जमीनी स्तर पर खत्म नहीं कर सकी।" प्रत्यक्ष रूप से उनका इशारा बीएमसी चुनावों में शिवसेना (UBT) द्वारा जीती गई 65 सीटों की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP निष्ठा खरीदने के लिए साम-दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर रही है।
पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने कहा, "उसने (BJP ने) मुंबई को गिरवी रखकर विश्वासघात के जरिए जीत हासिल की है। मराठी मानुष इस पाप को कभी माफ नहीं करेंगे। लड़ाई अब खत्म नहीं हुई है, बल्कि अभी शुरू हुई है।"
BMC के 227 सदस्यीय सदन में बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं हैं। जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीट अपने नाम की है। वहीं, शिवसेना (UBT) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को 6 सीट मिलीं।
इसके अलावा वंचित बहुजन आघाडी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीट, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन को 8,अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और शरद पवार की एनसीपी को एक सीट मिली है।
अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक पुराने वर्चस्व को खत्म करते हुए भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। साथ ही पुणे में भी भगवा पार्टी विजयी रही। जहां शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के गठबंधन को करारी शिकस्त दी।