अहमदाबाद के महमूदपुरा इलाके में शुक्रवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए एल.जी. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने और मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। पुलिस और दमकल विभाग ने आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस हादसे में हुए कुल नुकसान और मृतकों की अंतिम संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
दमकल और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने कहा कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। मामले में गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके और आग की घटना पर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के 100वीं बटालियन के कमांडेंट रितुल दाह ने बताया कि सबसे पहले दोपहर 3:24 बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि धमाका सुनते ही आरएएफ की क्विक रिएक्शन टीम, एम्बुलेंस, दमकल वाहन और अलर्ट टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई। सभी टीमें करीब 3:45 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं।
रितुल दाह ने बताया कि राहत और बचाव अभियान के दौरान कई लोग घायल मिले, जबकि कई लोगों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री से करीब 50 मीटर दूर तक आसपास के खेतों में शव और घायल लोग बिखरे पड़े थे। उन्होंने बताया कि आरएएफ की एम्बुलेंस टीम ने फार्मासिस्ट की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। साथ ही मृतकों के शवों को भी अस्पताल भेजा गया। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल पुलिस, पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और सभी मिलकर राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं।
रितुल दाह के मुताबिक, अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है और 8 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है, इसलिए आगे चलकर आंकड़ों में बदलाव हो सकता है