कांग्रेस के मेलोनी वाले बयान पर विदेश मंत्रालय का जवाब, इस तरह समझाया कूटनीति का मतलब

राहुल गांधी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए सवाल किया कि क्या दूसरे देशों के नेताओं को गले लगाने को विदेश नीति का पैमाना माना जा सकता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना की, जबकि कांग्रेस ने अपने नेता का बचाव किया

अपडेटेड Aug 14, 2026 पर 10:12 PM
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे दूसरे देशों के नेताओं के बारे में बयान देते समय संयम और सम्मान बनाए रखें।

कांग्रेस के कार्यक्रम में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संदीप दीक्षित द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र कर की गई टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय का पहला बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे दूसरे देशों के नेताओं के बारे में बयान देते समय संयम और सम्मान बनाए रखें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के दूसरे देशों के साथ संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बात करते समय मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने भारत और इटली के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी जिक्र किया।

विदेश मंत्रालय ने कही ये बात 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के इटली के साथ अच्छे और मजबूत संबंध हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते कई क्षेत्रों में और बेहतर हुए हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीति की मर्यादा के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए और आपसी समझ के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए। कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन’ में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति को अक्सर दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलने के तरीके से जोड़कर देखा जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि प्रधानमंत्री के मन में यह विचार कहां से आया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोगों के मन में कई तरह के विचार आते हैं और प्रधानमंत्री को शायद लगता है कि दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलना ही विदेश नीति है।


इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश नीति की शैली पर बात करते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया। इस पर संदीप दीक्षित ने मजाक में पूछा कि कहीं राहुल उन्हें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगा रहे हैं। राहुल गांधी ने हंसते हुए जवाब दिया, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं।” उनके इस जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े।

राहुल की ‘गले लगाने’ वाली टिप्पणी पर विवाद

राहुल गांधी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए सवाल किया कि क्या दूसरे देशों के नेताओं को गले लगाने को विदेश नीति का पैमाना माना जा सकता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना की, जबकि कांग्रेस ने अपने नेता का बचाव किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता को ‘छिछोरा’ बताते हुए राहुल गांधी और संदीप दीक्षित से माफी मांगने की मांग की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी से ‘समझदार बनने’ को कहा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर वह देश के लोगों का अपमान कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि भारत को चलाने के लिए गंभीर और जिम्मेदार नेतृत्व की जरूरत है, न कि ऐसी राजनीति की जिसमें प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार का मजाक उड़ाया जाए।

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