भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। बता दें कि, जॉय ने दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बढ़ते आतंकवाद के कारण बांग्लादेश, भारत के पूर्वी हिस्से के लिए "एक और पाकिस्तान" बन गया है। शुक्रवार 8 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुद्दे पर कहा कि भारत पूरी तरह सतर्क है और पड़ोसी देशों में हो रही हर गतिविधि पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, "हम अपने क्षेत्र और पड़ोसी देशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं। सुरक्षा के लिहाज से हर स्थिति की निगरानी की जाती है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठाए जाते हैं।"
हसीना के बेटे ने क्या दावा किया?
साजीब वाजेद जॉय ने यह बयान बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। यह कार्यक्रम साउथ एशिया फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (एफसीसी) की ओर से आयोजित किया गया था। उन्होंने यह बात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले कही। भारत की सुरक्षा का जिक्र करते हुए जॉय ने दावा किया कि "भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि बांग्लादेश उसके पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बनता जा रहा है।" उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) को बांग्लादेश में खुलकर काम करने की छूट मिली हुई है।
शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं। हसीना के पद छोड़ने के बाद मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनकी देखरेख में देश में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हुई और इस साल फरवरी में चुनाव कराए गए।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन के आयोजन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस वार्ता में कहा, "जिस कार्यक्रम की बात की जा रही है, उसका आयोजन एक निजी मीडिया संस्था कर रही है। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है और न ही सरकार उस मंच पर रखे जाने वाले विचारों का समर्थन करती है।"