होटल का फ्री Wi-Fi यूज करने वाले सावधान! Microsoft ने दी बड़ी चेतावनी, आपके डिवाइस में घुस रहे हैं हैकर्स, अकाउंट हो जाएगा खाली
Free hotel Wi-Fi: क्या आप यात्रा के दौरान अक्सर होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं? दरअसल, यह काफी सुविधाजनक होता है। अगर आपका मोबाइल डेटा काम नहीं कर रहा है, तो इंटरनेट का तेजी से इस्तेमाल करने में मदद कर सकता है। लेकिन अब आप सावधान हो जाएं। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल करने का मतलब बिना जाने-समझे हैकर्स के जाल में फंसना हो सकता है
Free hotel Wi-Fi: माइक्रोसॉफ्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल न करें
Free hotel Wi-Fi: क्या आप यात्रा के दौरान ऑनलाइन होने के लिए होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं? अब अगर आप सफर के दौरान होटल, एयरपोर्ट, कॉन्फ्रेंस सेंटर या किसी अन्य जगह का फ्री Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए। यह सुविधा भले ही काफी काम की लगती हो। लेकिन साइबर हैकर्स इसी सुविधा का फायदा उठाकर आपके मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे डिवाइस तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं देखते ही देखते चंद मिनटों में आपका बैंक अकाउंट भी खाली हो सकता है।
जी हां, Microsoft ने यात्रियों को होटल और अन्य सार्वजनिक Wi-Fi नेटवर्क को लेकर चेतावनी दी है। कंपनी के मुताबिक, दुनियाभर में होटल और गेस्ट Wi-Fi नेटवर्क को निशाना बनाकर एक साइबर अभियान चलाया जा रहा है। इसका मकसद लोगों के पासवर्ड, लॉगिन डिटेल और दूसरी संवेदनशील डिटेल्स चुराना तथा उनके डिवाइस में खतरनाक मालवेयर पहुंचाना है।
माइक्रोसॉफ्ट ने जांच में क्या पाया?
माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट इंटेलिजेंस ने होटल और अन्य अतिथि वाई-फ़ाई नेटवर्क को निशाना बनाने वाले एक साइबर हमले की पहचान की है। इसमें हमलावर मैलवेयर इंस्टॉल करने और संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए प्रभावित नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। कैप्टिवक्रंच (CaptiveCrunch) नाम का यह अभियान मई 2026 की शुरुआत से देखा जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट ने इसे स्टॉर्म-2945 से जोड़ा है, जो मिडनाइट ब्लिजार्ड का एक सब-वर्जन है, जो रूस से जुड़ा हैकिंग ग्रुप है जिसे APT29 या कोजी बेयर के नाम से भी जाना जाता है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह अभियान दुनिया भर में होटल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर मौजूद वाई-फ़ाई नेटवर्क को निशाना बना रहा है। हमलावरों की विशेष रुचि व्यावसायिक यात्रियों और उनके कॉर्पोरेट खातों में दिखाई देती है।
'CaptiveCrunch' नाम से चल रहा साइबर कैंपेन
Microsoft Threat Intelligence के अनुसार, इस हैकिंग अभियान की पहचान CaptiveCrunch के तौर पर की गई है। दिग्गज अमेरिकी कंपनी का कहना है कि यह गतिविधि मई 2026 की शुरुआत से होटल और अन्य गेस्ट Wi-Fi नेटवर्क को निशाना बना रही है। Microsoft के मुताबिक, इस अभियान में खास तौर पर बिजनेस ट्रैवलर्स और उनके कॉरपोरेट अकाउंट्स को निशाना बनाया जा रहा है। यानी ऐसे लोग जो यात्रा के दौरान ऑफिस के लैपटॉप, कंपनी के ईमेल, Microsoft 365 और दूसरे संवेदनशील सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह खतरा अधिक गंभीर हो सकता है।
होटल के Wi-Fi से कैसे फंसाते हैं हैकर्स?
हैकर्स कैप्टिव पोर्टल्स का फायदा उठाते हैं, जो आमतौर पर होटल वाई-फाई से कनेक्ट होने पर यूजर्स को दिखाई देने वाले लॉगिन होते हैं। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि Storm-2945 को इन पोर्टल्स द्वारा संचालित नेटवर्क से DNS और HTTP ट्रैफिक में हेरफेर करते हुए यूजर्स को दुर्भावनापूर्ण वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट करते हुए देखा गया है।
इसके बाद आपको नकली विंडोज, ब्राउजर या सुरक्षा संबंधी प्रॉम्प्ट दिखाई दे सकते हैं। इनमें आपको सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करने, सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने या नेटवर्क समस्या को ठीक करने के लिए कहा जा सकता है। कुछ असली विंडोज अपडेट या गूगल सत्यापन स्क्रीन की तरह दिखने के लिए डिजाइन किए गए हैं। एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं को APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जा सकता है।
होटल में Wi-Fi से कनेक्ट होने के बाद अक्सर एक वेब पेज खुलता है। इसमें यूजर से लॉगिन करने, कमरे की जानकारी भरने या नियम एवं शर्तों को स्वीकार करने के लिए कहा जाता है। इसे captive portal कहा जाता है। Microsoft के मुताबिक, हैकर्स ऐसे नेटवर्क में DNS और HTTP ट्रैफिक के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
इसके जरिए यूजर को असली वेबसाइट की जगह हैकर्स द्वारा कंट्रोल वेबसाइट या इंफ्रास्ट्रक्चर पर भेजा जा सकता है। खतरा इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यूजर को शुरुआत में यह पता नहीं चलता कि उसके साथ कुछ गलत हो रहा है। उसे लग सकता है कि वह होटल के सामान्य Wi-Fi लॉगिन पेज पर ही है।
'अपडेट इंस्टॉल करें' का झांसा देते हैं हैकर्स
हैकर्स यूजर को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचाने के बाद अलग-अलग तरीकों से उसे फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर स्क्रीन पर एक पॉप-अप आ सकता है जिसमें लिखा हो कि:-
आपके ब्राउजर को अपडेट करने की जरूरत है।
कोई जरूरी Windows अपडेट उपलब्ध है।
सिक्योरिटी संबंधी समस्या को ठीक करने के लिए सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।
डिवाइस की सुरक्षा जांच पूरी करें।
लेकिन इन फर्जी अपडेट या सिक्योरिटी टूल को डाउनलोड करते ही यूजर के डिवाइस में मालवेयर पहुंच सकता है। Android यूजर्स को तो APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जा सकता है। अगर यूजर बिना जांच किए ऐसी फाइल इंस्टॉल कर देता है तो हमलावर उसके डिवाइस और उसमें मौजूद डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
Google Security Check का भी हो सकता है फर्जी इस्तेमाल
Microsoft के मुताबिक, कुछ फर्जी पेज Google की सुरक्षा जांच जैसे दिखाई दे सकते हैं। इनमें यूजर से अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए कहा जा सकता है। ऐसे पेज देखने में इतने वास्तविक लग सकते हैं कि आम यूजर के लिए असली और फर्जी वेबसाइट में अंतर करना मुश्किल हो जाए। यही वजह है कि केवल वेबसाइट का डिजाइन देखकर उस पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
Microsoft Sign-in पेज भी बना सकते हैं निशाना
Microsoft ने यह भी बताया है कि Storm-2945 ने device-code phishing जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इसमें यूजर को Microsoft के असली साइन-इन पेज पर भी भेजा जा सकता है। फिर उससे एक कोड डालने के लिए कहा जा सकता है। पेज वास्तविक दिखाई दे सकता है। लेकिन इस प्रक्रिया के जरिए हमलावर यूजर के अकाउंट से संबंधित सेशन तक पहुंच हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे हमलों का उद्देश्य केवल पासवर्ड चुराना नहीं होता। सफल हमले के बाद साइबर अपराधी संवेदनशील अकाउंट और जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
आखिर हैकर्स क्या-क्या चुरा सकते हैं?
Microsoft ने इस अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे दो मालवेयर का उल्लेख किया है CornFlake और ChocoShell का।
CornFlake क्या है?
बताया गया है कि CornFlake संक्रमित डिवाइस से फाइल, पासवर्ड और अन्य लॉगिन जानकारी चुराने में सक्षम हो सकता है। इसके अलावा यह स्क्रीनशॉट लेने और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड करने जैसी गतिविधियां भी कर सकता है।
ChocoShell
ChocoShell को ब्राउजर कुकीज, सेव किए गए पासवर्ड, Microsoft 365 की लॉगिन जानकारी और Wi-Fi पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी चुराने की क्षमता से जोड़ा गया है। इस तरह का डेटा चोरी होने पर व्यक्तिगत जानकारी के साथ-साथ कंपनी या ऑफिस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है।
होटल Wi-Fi इस्तेमाल करते समय कैसे रहें सुरक्षित?
Microsoft यात्रियों को होटल, एयरपोर्ट, कॉन्फ्रेंस सेंटर और दूसरे सार्वजनिक गेस्ट Wi-Fi नेटवर्क को अनट्रस्टेड नेटवर्क मानकर चलने की सलाह देता है।
जहां संभव हो, यात्रियों को इन विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए
मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए इंटरनेट चलाएं।
eSIM या मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करें।
संवेदनशील काम के लिए निजी और भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करें।
सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग या बेहद संवेदनशील अकाउंट एक्सेस करने से बचें।
Wi-Fi पोर्टल पर दिखाई देने वाले अनजान सॉफ्टवेयर या फाइल डाउनलोड न करें।
किसी पॉप-अप के कहने पर Windows या ब्राउजर अपडेट इंस्टॉल न करें।
किसी अनजान वेबसाइट से APK या दूसरी फाइल डाउनलोड न करें।
Wi-Fi पोर्टल कहे तो भी अपडेट डाउनलोड न करें
Microsoft की सबसे महत्वपूर्ण सलाह
Microsoft की सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह कि अगर होटल के Wi-Fi लॉगिन पेज पर आपको कोई सॉफ्टवेयर अपडेट, ब्राउजर अपडेट, सिक्योरिटी टूल या सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए कहा जाए तो तुरंत ऐसा न करें। अगर वास्तव में आपके डिवाइस को अपडेट की जरूरत है तो अपडेट हमेशा डिवाइस के आधिकारिक ऑपरेटिंग सिस्टम या संबंधित सॉफ्टवेयर के ऑफिशियल अपडेट सिस्टम के जरिए करें। यानी होटल का Wi-Fi आपको जो अपडेट डाउनलोड करने को कह रहा है, उस पर भरोसा करने के बजाय खुद आधिकारिक स्रोत से अपडेट की जांच करें।