विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जनवरी को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में आठ बार बातचीत की। जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अच्छी दोस्ती है और उन्होंने हमेशा राजनयिक मानदंडों के अनुसार एक-दूसरे को आपसी सम्मान के साथ संबोधित किया है। 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ बार फोन पर बात की है।"
जयसवाल ने 9 जनवरी को एक मीडिया ब्रीफिंग में पत्रकारों को बताया कि पिछले साल फरवरी में बातचीत के समझौते के बाद से दोनों देश कई मौकों पर समझौते के करीब पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा, "संयोगवश से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 के दौरान आठ मौकों पर फोन पर भी बात की है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई है।"
जैसवाल की ये टिप्पणी अमेरिका के कॉमर्स सचिव हॉवर्ड लुटनिक के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया, क्योंकि मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जयस्वाल ने कहा कि हम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे जल्द पूरा करना चाहते हैं।
गुरुवार को 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में व्यापार सचिव लुटनिक ने बताया कि भारत-अमेरिका डील क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा - यूके के साथ पहली डील हुई। हमने कहा दो हफ्ते में हो जाए, वरना ट्रेन छूट जाएगी। ट्रंप पहले आने वाले को सबसे अच्छा डील देते हैं।
ट्रंप सीढ़ी की तरह डील करते हैं। पहली सीढ़ी सबसे अच्छी, बाद में नहीं। भारत को कहा - तीन हफ्ते में कर लो। लेकिन मोदी ने राष्ट्रपति को फोन नहीं किया। भारत असहज था। उसके बाद इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ डील हो गई।
अब भारत ने कहा- हम तैयार हैं। लेकिन तब तक ट्रेन छूट चुकी थी। लुटनिक ने कहा, "भारत गलत तरफ सीसॉ पर था। अब दूसरे देश आगे हैं। भारत सुलझा लेगा, लेकिन हर देश के अपने राजनीतिक मुद्दे हैं।"
यह बयान ट्रंप के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा, "मोदी जानते हैं कि मुझे रूस का तेल खरीदने से नाराजगी है। टैरिफ बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं। दोनों देशों के बीच 6 दौर की बातचीत हो चुकी है। इसमें 50% टैरिफ हटाने का फ्रेमवर्क शामिल है।"