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Mobiles Ban in temple: तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल बैन का असर! फोन जमा कराने के बाद युवाओं ने बनाई दूरी, श्रद्धालुओं की संख्या 20% तक घटी

Mobiles Ban in Tamil Nadu temple: एक तरफ तमिलनाडु में मंदिरों की पवित्रता और शांत वातावरण बनाए रखने के लिए मोबाइल बैन को जरूरी बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ युवाओं का एक वर्ग इसे अपनी धार्मिक यात्रा और अनुभव पर पाबंदी मान रहा है। कांचीपुरम के देवराजस्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी इसी बहस को और तेज कर रही है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 06, 2026 पर 10:08 AM
Mobiles Ban in temple: तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल बैन का असर! फोन जमा कराने के बाद युवाओं ने बनाई दूरी, श्रद्धालुओं की संख्या 20% तक घटी
Mobiles Ban in Tamil Nadu temple: सेल्फी और कॉन्टेंट क्रिएशन के लिए जाने वाले युवाओं ने मंदिर जाना कम कर दिया है

Mobiles Ban in Tamil Nadu temple: तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल बैन का एक हैरान करने वाला नतीजा सामने आया है। फोन पर रोक का असर अब युवा श्रद्धालुओं की संख्या पर दिखाई देने लगा है। 1 सितंबर से राज्य के 52 प्रमुख मंदिरों में स्मार्टफोन ले जाने पर बैन लगाया गया है। इसके बाद कांचीपुरम स्थित देवराजस्वामी मंदिर में युवाओं की संख्या कम होने और कुल श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 20 फीसदी तक गिरावट की बात सामने आई है। एक रिसर्च रिपोर्ट में एक बात सामने आई है कि सेल्फी और कॉन्टेंट क्रिएशन के लिए जाने वाले तमिलनाडु के युवाओं ने मंदिर जाना कम कर दिया है

'दैनिक भास्कर' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर प्रशासन का कहना है कि वह अपनी ओर से कोई नया नियम लागू नहीं कर रहा। बल्कि मद्रास हाई कोर्ट के पुराने आदेश को लागू कर रहा है। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन जमा कराने के लिए काउंटर बनाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले जहां युवाओं की अच्छी संख्या नजर आती थी, अब बुजुर्ग श्रद्धालु ज्यादा दिखाई दे रहे हैं।

फोन बैन के बाद बदला मंदिर का नजारा

कांचीपुरम के देवराजस्वामी मंदिर में पहले कई युवा दर्शन के साथ-साथ सेल्फी, वीडियो और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने आते थे। मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था लागू होने के बाद युवाओं की मौजूदगी कम दिखाई देने लगी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोबाइल जमा कराने वाले काउंटर पर शुरुआती दिनों में लंबी कतारें भी लगीं। हालांकि, अब वहां भी युवाओं की तुलना में बुजुर्ग श्रद्धालुओं की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 20 फीसदी तक कमी देखी गई है।

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