देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट जारी कर दिया है। 15 जून को मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। इसमें झारखंड की राजधानी रांची भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के लिहाज से मानसून की गति थोड़ी निराशाजनक है क्योंकि यहां इसकी एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है। इसके बावजूद यूपी में अभी मानसून ने एंट्री नहीं ली है।
झारखंड की राजधानी रांची पहुंचा मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
आपको बता दें कि झारखंड में मानसून ने 12 जून को ही दस्तक दे दी थी। इसके बाद सोमवार (15 जून) को इसने रफ्तार पकड़ी और राज्य की राजधानी रांची तक पहुंच गया। मौसम कार्यालय ने अगले कुछ दिनों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है। इसके लिए थंडरस्टॉर्म, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी की तारीख हुई मिस, जानिए अब किधर बढ़ रहा है मानसून
उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है। इस बार 15 जून की यह तय तारीख मिस हो गई है और मानसूनी हवाओं को यूपी की सीमा में दाखिल होने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग के मुताबित 15 जून को मानसून आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बचे हुए सभी हिस्सों में पूरी तरह आगे बढ़ गया है। इसके अलावा इसने तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों को भी कवर कर लिया है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से गुजर रही है।
अगले 4-5 दिनों में कहां पहुंचेगा मानसून, मुंबई को लेकर क्या है प्रेडिक्शन
आईएमडी के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इस दौरान मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक के बचे हुए हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों की तरफ बढ़ेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 20 जून के आसपास महाराष्ट्र में मानसून के और ज्यादा सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। इसी दौरान मुंबई और उसके आसपास के तटीय इलाकों में मानसून की पहली अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
अल नीनो को लेकर FAO की बड़ी चेतावनी: फसलों पर मंडराया संकट
एक तरफ जहां देश में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के मानसून को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी जारी की है कि आधिकारिक तौर पर 'अल नीनो' का नया फेज शुरू हो चुका है। FAO ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि अल नीनो के कारण भारत का समर मानसून (ग्रष्मकालीन मानसून) कमजोर पड़ सकता है। मानसून के कमजोर होने का सीधा असर खरीफ के मुख्य सीजन में वर्षा आधारित फसलों पर पड़ेगा। इस दौरान सबसे ज्यादा मुश्किल धान और मक्के की फसलों के लिए हो सकती है। इसे इन खेती पर डिपेंड रोजगार और फूड सेफ्टी को लेकर जोखिम बढ़ सकता है। वैश्विक बाजारों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई गई है।