Monsoon Update 7 July: मुंबई से दिल्ली-यूपी तक धुंआधार बारिश के बीच मानसून की रफ्तार को लेकर आया नया अपडेट, IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon Update 7 July: IMD के मुताबिक मानसून आमतौर पर 15 जुलाई के आसपास पूरे भारत को कवर करता है। ऐसे में अगर अगले दो से तीन दिनों में यह पूरे देश में फैल जाता है तो यह अपनी सामान्य तारीख से पहले ही पूरे देश में दस्तक दे देगा।इस साल मानसून ने अपनी सामान्य तारीख 1 जून के मुकाबले तीन दिन की देरी से 4 जून को केरल में दस्तक दी थी। इसके बाद यह करीब दो सप्ताह की देरी से 23 जून को मुंबई पहुंचा

अपडेटेड Jul 07, 2026 पर 4:57 PM
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IMD ने मानसून की रफ्तार को लेकर एक बड़ा और नया अपडेट जारी किया है।

Monsoon Watch: देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की रफ्तार को लेकर एक बड़ा और नया अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक जून के महीने में सुस्त और असमान रफ्तार से आगे बढ़ने के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी पकड़ चुका है और अगले दो से तीन दिनों के भीतर इसके पूरे देश को कवर करने की संभावना है। 7 जुलाई को मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान के साथ हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। अब उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों सहित पूरे देश में इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

सामान्य डेट से पहले पूरे देश को कवर करेगा मानसून

IMD के मुताबिक मानसून आमतौर पर 15 जुलाई के आसपास पूरे भारत को कवर करता है। ऐसे में अगर अगले दो से तीन दिनों में यह पूरे देश में फैल जाता है तो यह अपनी सामान्य तारीख से पहले ही पूरे देश में दस्तक दे देगा।इस साल मानसून ने अपनी सामान्य तारीख 1 जून के मुकाबले तीन दिन की देरी से 4 जून को केरल में दस्तक दी थी। इसके बाद यह करीब दो सप्ताह की देरी से 23 जून को मुंबई पहुंचा। पश्चिमी कृषि क्षेत्रों में करीब दो सप्ताह तक थमे रहने के बाद अब इसकी रफ्तार तेज हुई है। गौरतलब है कि इस साल भारत ने 1901 के बाद से अपना पांचवां सबसे सूखा जून दर्ज किया है, जहां औसत से 39.8% कम बारिश हुई है।


दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी, गर्मी से मिली राहत

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई बारिश ने निवासियों को भीषण गर्मी से राहत दी है। IMD ने दिल्ली-NCR में अगले पांच दिनों तक और अधिक बौछारें पड़ने तथा आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान जताया है। दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

अर्बन मेट्रोलॉजिकल सर्विसेज द्वारा जारी जिलावार पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-NCR के सभी 15 जिलों (उत्तरी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, केंद्रीय दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, शाहदरा) और NCR के जिलों (फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद) में मौसम एक जैसा रहेगा।

येलो अलर्ट (7 से 9 जुलाई)

IMD ने 7, 8 और 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 7 जुलाई को दोपहर के समय कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली चमकने और 30-40 किमी प्रति घंटे (झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जबकि रात में भी बारिश का एक और दौर आ सकता है। 8 और 9 जुलाई को भी दोपहर और रात के समय इसी तरह की स्थितियां बनी रहेंगी।

10 और 11 जुलाई के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि दोपहर तक हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के दौरान लोगों को बिजली कड़कने और तेज हवाओं से सावधान रहने की सलाह दी है।

यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में व्यापक रूप से बारिश होने और इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी भारी बारिश होने की उम्मीद है। IMD ने 7 जुलाई को कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर और मंगलवार को केरल और कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

इन जगहों पर बाढ़ का खतरा

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मुंबई, पालघर, पुणे, सतारा, कोल्हापुर और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर के अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे की पहचान की है। इसे देखते हुए बचाव एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी गई है।

खेती और वाटर सप्लाई के लिए क्यों अहम है जुलाई की बारिश?

भारत में मानसून की प्रगति पर बेहद बारीकी से नजर रखी जाती है क्योंकि देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70% हिस्सा इसी सीजनल बारिश से मिलता है। यह देश की कृषि और पानी की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधा नहीं है। जुलाई के महीने में होने वाली बारिश मुख्य रूप से गर्मियों की प्रमुख फसलों जैसे चावल, कपास, मक्का और सोयाबीन की बुआई के समय के अनुकूल होती है। हालांकि जून में हुई भारी कमी के बाद IMD ने जुलाई में दीर्घकालिक औसत के 94% से कम यानी सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है।

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