Rajya Sabha Chunav: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, BJP की आपत्ति के बाद हुआ एक्शन

Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने पाया कि उनके नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई थी

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 7:47 PM
Rajyasabha Election: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, BJP की आपत्ति के बाद हुआ एक्शन

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा। मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। बीजेपी की आपत्ति के बाद नटराजन का नामांकन रद्द कर दिय गया है। आरोप है कि कांग्रेस कैंडिडेट ने अपने ऊपर लगे आपराधिक केस की जानकारी छिपाई थी।

मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने पाया कि उनके नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई थी।

यह घटनाक्रम तब हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग करते हुए औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। BJP का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने अपने चुनावी हलफनामे में तेलंगाना में चल रहे एक अदालती मामले की जानकारी नहीं दी थी, यह एक जरूरी दस्तावेज है, जिसे उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय जमा करना होता है।


पार्टी ने तर्क दिया कि इस जानकारी को न बताना जरूरी जानकारी छिपाने के बराबर है और इसके आधार पर उसका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने कहा- वो कोई केस नहीं बल्कि एक नोटिस है

कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। मध्य प्रदेश विपक्ष के नेता उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, इसलिए उन्हें किसी ऐसे मामले का खुलासा करने की जरूरत नहीं थी, जिसका बीजेपी जिक्र कर रही है।

कांग्रेस के मुताबिक, तेलंगाना से जुड़ा जिस मामले का हवाला दिया जा रहा है, वह केवल अदालत द्वारा भेजा गया एक नोटिस है, कोई आपराधिक केस नहीं। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को सिर्फ उन आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती है, जिनमें FIR दर्ज हो चुकी हो और मामला अदालत में लंबित हो।

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। सिर्फ एक नोटिस मिला था, जिसमें पूछा गया था कि उनके और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इस नोटिस का जवाब उनके वकील की ओर से दिया जा चुका है और अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

इस बीच, मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। 230 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 164 विधायक हैं, जिससे वह दो सीटें आसानी से जीत सकती है। हालांकि तीसरी सीट जीतने के लिए बीजेपी को अन्य दलों का समर्थन या क्रॉस वोटिंग की जरूरत पड़ सकती है। यही वजह है कि तीसरी सीट का मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है।

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