MP Rajya Sabha Polls: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को सताने लगा क्रॉस-वोटिंग का डर, विधायकों को कर्नाटक भेजने की तैयारी
MP Rajya Sabha Polls: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है। एमपी में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं
MP Rajya Sabha Polls: कांग्रेस को सेंधमारी का डर सताने लगा है। इसलिए विधायकों को कर्नाटक ले जाने की तैयारी चल रही है
MP Rajya Sabha Polls: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है। बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि BJP के लोग नोटों से भरी थैली लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया। घार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन भाजपा का सारा षड्यंत्र विफल होगा।
बेंगलुरु जा रहे हैं सभी विधायक
सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने बाद में पीटीआई से बातचीत में कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं। उन्होंने भी दावा किया कि BJP खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है।
तीन सीटों पर होने हैं चुनाव
मध्य प्रदेश में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत तय मानी जा रही है। जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है। लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है।
बीजेपी कैसे जीतेगी तीसरी सीट?
BJP ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। जबकि तीसरी सीट पर मध्य प्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है। कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है।
चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के आवास पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए। पार्टी का एक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुआ क्योंकि वह दिल्ली में था। जबकि वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आनलाइन माध्यम से इसमें हिस्सा लिया।
नंबर का गणित
वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है। इनमें BJP के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। जबकि एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट खाली है। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाई कोर्ट की रोक है।
सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई है। ऐसे में यह संभावना है कि वह इस चुनाव में BJP उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें। सप्रे ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की है।
जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत
राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद BJP के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी BJP को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत BJP को मिले लें तो उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी।
कांग्रेस का आरोप है कि BJP इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास कर रही है। सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है। हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है।
साल 2020 में BJP ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों को अपने खेमे में लाकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था। सिंधिया वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं> मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा।