Mumbai to Vadodara Time: मुंबई से वडोदरा का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में पूरा होगा! जानिए कब शुरू होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का ये हिस्सा
Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई सेक्शन 31 अगस्त तक चालू होने की उम्मीद है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग आठ घंटे से घटकर चार घंटे रह जाएगा। 1,400 किलोमीटर लंबा और आठ-लेन वाला मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है
Mumbai to Vadodara Time: मुंबई से वडोदरा के बीच पहले 8 घंटे लगते थे। अब यह समय आधा हो जाएगा
Mumbai to Vadodara Time: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार (28 जून) को कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वडोदरा-मुंबई सेक्शन इस साल 31 अगस्त तक चालू होने की उम्मीद है। सीएम ने कहा इससे मुंबई और वडोदरा के बीच यात्रा का समय लगभग आठ घंटे से घटकर चार घंटे रह जाएगा। भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक, 1,400 किलोमीटर लंबा और आठ-लेन वाला मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार द्वारा लगभग ₹1 लाख करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। यह हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों को जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा आसान हो जाएगी। साथ ही प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। निरीक्षण के दौरान, फडणवीस ने प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया।
फडणवीस ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा फायदा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) से इसका सीधा जुड़ाव है। इससे उत्तर भारत से JNPA तक सामान का ट्रांसपोर्ट तेज, ज्यादा कुशल और किफायती हो जाएगा। वडोदरा-मुंबई कॉरिडोर का महाराष्ट्र सेक्शन लगभग 157 किलोमीटर लंबा है और इसे लगभग ₹24,000 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है।
इसे हाईटेक एक्सप्रेस वे को सात कंस्ट्रक्शन पैकेज में बांटा गया है। पांच पैकेज का काम पूरा हो चुका है। अब वे ट्रैफिक के लिए तैयार है।, जबकि बाकी दो के अगस्त 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है। फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि योजना पूरे महाराष्ट्र सेक्शन को 31 अगस्त, 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलने की है।
अब सफर का टाइम आधा हो जाएगा
चालू होने के बाद यह एक्सप्रेसवे वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा के समय को मौजूदा आठ घंटे से घटाकर लगभग चार घंटे कर देगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह कमर्शियल ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाते हुए तेज, सुरक्षित और बिना जाम वाली यात्रा की सुविधा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे ठाणे, भिवंडी और घोड़बंदर रूट पर जाम कम करके JNPA तक माल की आवाजाही में काफा सुधार करेगा। इससे समय और ईंधन की बचत होगी। साथ ही कार्गो ट्रांसपोर्ट के लिए एक तेज और ज्यादा भरोसेमंद रास्ता मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर और पश्चिम भारत के औद्योगिक क्षेत्रों और मुंबई के पोर्ट नेटवर्क के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से निर्यात, उद्योगों, निवेश और रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। अगर यह प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो जाता है, तो मुंबई और वडोदरा के बीच यात्रा करने वाले लोग लगभग 4 घंटे में अपना सफर पूरा कर सकेंगे। िससे यह दोनों शहरों के बीच सबसे तेज सड़क संपर्क मार्गों में से एक बन जाएगा।
एक्सप्रेस वे की खास बातें
ओपनिंग टारगेट: 31 अगस्त, 2026 (पूरा महाराष्ट्र हिस्सा)।
ट्रैवल टाइम: मुंबई-वडोदरा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट का साइज: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 1,400 km लंबा, 8-लेन वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। इसे लगभग ₹1 लाख करोड़ की अनुमानित लागत से बनाया जा रहा है।
एक्सप्रेस से जुड़े हुए राज्य: हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।
महाराष्ट्र सेक्शन: लगभग 157 km, जिसकी अनुमानित लागत ₹24,000 करोड़ है।
कंस्ट्रक्शन स्टेटस: कुल सात पैकेज। पांच पूरे हो चुके हैं। जबकि बाकी दो अगस्त 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है।
लॉजिस्टिक्स फायदे: एक्सप्रेसवे सीधे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी से जुड़ेगा। इससे ठाणे, भिवंडी और घोड़बंदर से गुजरने वाले रास्तों पर भीड़ कम करके माल ढुलाई को ज्यादा अच्छे से करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रा का समय, फ्यूल की खपत और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होने की उम्मीद है। साथ ही कार्गो मूवमेंट में भी सुधार होगा।