NEET Aspirant Suicide: 'मेरा सपना अधूरा रह गया...' NEET में 11 नंबर से चूकने पर महाराष्ट्र की छात्रा ने दे दी जान

NEET Aspirant Suicide: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले की एक 19 साल की NEET उम्मीदवार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में अपनी उम्मीद के मुताबिक नंबर न मिलने के बाद यह कदम उठाया।

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 8:53 AM
NEET में 11 नंबर से चूकने पर महाराष्ट्र की 19 साल की छात्रा ने दे दी जान

NEET Aspirant Suicide: हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन कई बार परीक्षा का दबाव और उम्मीदों का बोझ उन्हें तोड़ देता है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से सामने आया है, जहां 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी ने उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं आने के बाद कथित तौर पर अपनी जान दे दी। छात्रा ने पीछे छोड़े नोट में डॉक्टर बनने के अपने अधूरे सपने और अपनी तकलीफ का जिक्र किया है।

मृतक लड़की कर्जत तालुका के जलालपुर गांव की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार, उसने 3 मई को NEET परीक्षा दी थी और बाद में परीक्षा के बदले हुए शेड्यूल के अनुसार 21 जून को दोबारा परीक्षा दी थी।

वहीं, परिवार वालों ने बताया कि उसे 300 से ज्यादा मार्क्स मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, जब नतीजे आए तो उसे 166 मार्क्स मिले, जो क्वालिफाइंग कट-ऑफ (177 मार्क्स) से 11 मार्क्स कम थे, जिससे वह बुरी तरह टूट गई।


पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक, यह घटना शनिवार, 25 जुलाई को शाम करीब 4:30 बजे हुई। इस समय मृतक लड़की के पिता और भाई आषाढ़ी एकादशी के दर्शन के लिए पंढरपुर गए हुए थे, जबकि उसकी मां घर पर घरेलू काम-काज में लगी हुई थी।

पुलिस ने बताया कि छात्रा अपने निजी स्टडी रूम में गई थी। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर उसकी मां ने जब दरवाजा खोला तो उसे फंदे से लटका हुआ पाया।

वहीं, जांच के दौरान, पुलिस को कमरे से हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट मिला।

'माता-पिता या भाई को न ठहराएं जिम्मेदार'

खबरों के मुताबिक, नोट में लिखा था, "मैं डिप्रेशन में चली गई थी क्योंकि मुझे NEET में उम्मीद के मुताबिक मार्क्स नहीं मिले और डॉक्टर बनने का मेरा सपना अधूरा रह गया। प्लीज, मेरी मौत के लिए मेरे माता-पिता या भाई को जिम्मेदार न ठहराएं।"

फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने किसी गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया है।

बता दें कि यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई है जब NEET परीक्षा में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर देश भर में बहस चल रही है। हफ्तों से, हजारों छात्र दिल्ली में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में जवाबदेही और सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्र संगठनों के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों में परीक्षा से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों और बेहद मुश्किल परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर चिंताएं जाहिर की गईं।

जिसका तीजा एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर सामने आया, जिसमें NEET विवाद से निपटने के तरीके को लेकर लगातार बढ़ते दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

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