Nandan Nilekani Net Worth & Profile: देश में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार एक्शन मोड में है। पीएम मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और तकनीकी सुधार लाने के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण टास्क फोर्स की कमान आईटी दिग्गज और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है।
आइए जानते हैं भारत के सबसे अमीर टेक उद्यमियों में से एक नंदन नीलेकणि की कुल संपत्ति, उनकी उपलब्धियों और उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुने जाने की वजहों के बारे में।
नंदन नीलेकणि भारतीय आईटी उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं। 2017 में वे इंफोसिस में गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वापस लौटे थे। कॉर्पोरेट जगत के अलावा उनकी सबसे बड़ी पहचान 'यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (UIDAI) के अध्यक्ष के रूप में रही है। उन्होंने भारत के बायोमेट्रिक पहचान पत्र प्रोजेक्ट यानी 'आधार' के रोलआउट का नेतृत्व किया, जो आज देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ है।
वे 'फंडामेंटम' (Fundamentum) नामक एक निवेश फंड के जरिए तकनीक से जुड़े नए स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन और फंडिंग करते हैं। साल 2023 में नीलेकणि ने अपने पुराने संस्थान IIT बॉम्बे को ₹315 करोड़ का भारी-भरकम दान दिया था, जो किसी भी भारतीय शिक्षण संस्थान को दिए गए सबसे बड़े दान में से एक है।
कितनी है नंदन नीलेकणि की नेट वर्थ?
फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलेनियर लिस्ट के मुताबिक, फिलहाल नंदन नीलेकणि की अनुमानित नेट वर्थ $2.4 बिलियन यानी करीब ₹23,176 करोड़ है। उनकी संपत्ति का मुख्य स्रोत इंफोसिस में उनकी हिस्सेदारी है, जिसकी स्थापना उन्होंने 1981 में अन्य 6 सह-संस्थापकों के साथ मिलकर की थी। इसके अलावा उन्होंने कई टेक स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स में भी बड़ा निवेश किया है।
पीएम मोदी ने उन्हें क्यों सौंपी परीक्षा सुधारों की जिम्मेदारी?
नीट-यूजी पेपर लीक के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की मांगों को स्वीकार करते हुए पहले तो शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ फिर पीएम मोदी ने इस टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। नंदन नीलेकणि के पास बड़े पैमाने पर टेक-ड्रिवन सिस्टम जैसे- आधार और UPI का ढांचा तैयार करने का अनुभव है। सरकार NTA की परीक्षाओं में लीक रोकने और उन्हें पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए उनके अनुभव का उपयोग करना चाहती है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल के पीछे हैं और सरकार परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है।