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NCERT ने 8वीं की नई किताब में किए बड़े बदलाव, अब बच्च पढ़ेंगे 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और 'लंबित मुकदमों' का पाठ

NCERT Class 8th New Book: नई किताब में कोर्ट में पेंडिंग मामलों के आंकड़े भी दिए गए है। सुप्रीम कोर्ट में लगभग 81,000, हाई कोर्ट्स में 62.4 लाख और निचली अदालतों में करीब 4.7 करोड़ मामले लंबित हैं। देरी के कारणों में जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रिया और खराब बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया गया है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 24, 2026 पर 11:33 AM
NCERT ने 8वीं की नई किताब में किए बड़े बदलाव, अब बच्च पढ़ेंगे 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और 'लंबित मुकदमों' का पाठ
नई किताब में 'विभिन्न स्तरों पर होने वाले भ्रष्टाचार' को एक गंभीर चुनौती बताया गया है

NCERT 8th Book: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में कई बदलाव किए है। किताबों में अब छात्र न केवल न्यायपालिका की कार्यप्रणाली के बारे में पढ़ेंगे, बल्कि सिस्टम के सामने खड़ी चुनौतियों जैसे 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' और 'मुकदमों के भारी बोझ' के बारे में भी जानेंगे। पिछली किताब के मुकाबले यह बदलाव काफी बड़ा है, क्योंकि पहले का संस्करण मुख्य रूप से अदालतों की संरचना और नागरिकों की पहुंच तक ही सीमित था।

भ्रष्टाचार और मुकदमों की पेंडेंसी है एक कड़वी हकीकत

नई किताब में न्यायपालिका के सामने मौजूद बड़ी समस्याओं को खुलकर सूचीबद्ध किया गया है। नई किताब में 'विभिन्न स्तरों पर होने वाले भ्रष्टाचार' को एक गंभीर चुनौती बताया गया है। इसमें पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई के जुलाई 2025 के बयान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने माना था कि भ्रष्टाचार की घटनाओं से जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा कम होता है। इसके साथ ही कोर्ट में पेंडिंग मामलों के आंकड़े भी दिए गए है। सुप्रीम कोर्ट में लगभग 81,000, हाई कोर्ट्स में 62.4 लाख और निचली अदालतों में करीब 4.7 करोड़ मामले लंबित हैं। देरी के कारणों में जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रिया और खराब बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया गया है।

जजों की जवाबदेही और महाभियोग

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