NCERT Apology: 'पूरी किताब वापस ले ली गई': SC की फटकार के बाद एनसीईआरटी ने 'न्यायिक भ्रष्टाचार' वाले चैप्टर पर मांगी माफी

NCERT Apology: क्लास 8 की अब वापस ले ली गई सोशल साइंस टेक्स्टबुक के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने ज्यूडिशियरी वाले चैप्टर के लिए बिना शर्त माफी मांगी है। उसने क्लास 8 की पूरी सोशल साइंस टेक्स्टबुक वापस ले ली है

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 1:54 PM
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NCERT Apology: एनसीईआरटी ने 'न्यायिक भ्रष्टाचार' वाले चैप्टर को लेकर विवाद के बाद माफी मांगी है

NCERT Apology: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने मंगलवार (10 मार्च) को ज्यूडिशियल करप्शन यानी 'न्यायिक भ्रष्टाचार' वाले विवादित चैप्टर शामिल करने के लिए माफी मांगी है। NCERT ने कहा कि उसने क्लास 8 की पूरी सोशल साइंस टेक्स्टबुक वापस ले ली है। क्लास 8वीं की सोशल साइंस टेक्स्टबुक में कहा गया था कि ज्यूडिशियरी के सामने आने वाली चुनौतियों में करप्शन केस का भारी बैकलॉग और सही जजों की कमी शामिल है।

मंगलवार को जारी एक बयान में NCERT ने कहा, "नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने हाल ही में क्लास 8 (पार्ट 2) की सोशल साइंस टेक्स्टबुक, 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' पब्लिश की, जिसमें चैप्टर 4, 'द रोल ऑफ द ज्यूडिशियरी इन अवर सोसाइटी (हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका)' शामिल था।"

बयान में कहा गया, "NCERT के डायरेक्टर और सदस्य उस चैप्टर के लिए बिना शर्त और पूरी माफी मांगते हैं। पूरी किताब वापस ले ली गई है। अब वह उपलब्ध नहीं है।" चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली वाली तीन जजों की बेंच ने NCERT की किताबों में ज्यूडिशियरी के बारे में ऑब्जेक्टिव बातों पर खुद से संज्ञान लिया था।


सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने इस मामले को तुरंत विचार के लिए उठाया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि किसी को भी ज्यूडिशियरी को बदनाम करने और उसकी इज्जत खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने किताब के भविष्य में किसी भी पब्लिकेशन, रीप्रिंट या डिजिटल डिसेमिनेशन पर पूरी तरह बैन लगा दिया। सरकार ने किताब में विवादित मटीरियल शामिल करने पर अफसोस जताया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में खुद से केस करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने NCERT को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने इसे न्यायपालिका की गरिमा को कमजोर करने और नीचा दिखाने की सोची-समझी चाल बताया। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने किताब के आगे पब्लिकेशन, रीप्रिंटिंग या डिजिटल डिसेमिनेशन पर पूरी तरह बैन लगा दिया।

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फरवरी में मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने कहा, "ज्यूडिशियरी के हेड के तौर पर यह मेरा कर्तव्य है कि मैं पता लगाऊं कि कौन जिम्मेदार है। अगर एक से ज्यादा हैं, तो उन्हें हटाया जाना चाहिए। अकाउंटेबिलिटी होनी चाहिए। जब ​​तक मैं संतुष्ट नहीं हो जाता, मैं यह कार्रवाई बंद नहीं करने वाला।"

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